हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार ने मंगलवार को अपने घर के बेसमेंट में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने कई वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। शनिवार को चंडीगढ़ पुलिस ने उनका शव सेक्टर-16 अस्पताल की मोर्चरी से पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई ले जाया। सुबह एम्बुलेंस से शव को पीजीआई पहुंचाया गया। सूत्रों के अनुसार, कुछ ही देर में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जानी थी।
परिवार ने जताया विरोध
इस पूरे मामले में अब परिवार ने आपत्ति जताई है। परिजनों का कहना है कि शव को पीजीआई शिफ्ट करने से पहले उनकी सहमति नहीं ली गई। 31 सदस्यीय कमेटी के सदस्य गुरमेल ने बताया कि परिवार के अनुसार, बिना अनुमति के पोस्टमार्टम कराने की कोशिश की जा रही है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों को पिता का चेहरा दिखाए बिना ही शव को सेक्टर-16 अस्पताल से पीजीआई ले जाया गया। वाई पूरण कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार के भाई और बठिंडा से आम आदमी पार्टी के विधायक अमित रतन ने कहा कि परिवार की असहमति के बावजूद जबरन पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमारे साथ अन्याय हो रहा है। पांच दिन बीत चुके हैं लेकिन हमें अब तक न्याय नहीं मिला। शव को हमारी अनुमति के बिना शिफ्ट किया गया है।” डीएसपी सेंट्रल उदयपाल सुबह सेक्टर-16 अस्पताल पहुंच गए थे। परिजनों की मांग पर पीजीआई के डॉक्टरों का एक बोर्ड बनाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
अधिकारियों की मौजूदगी और जांच
इस बीच, चंडीगढ़ के डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा और आईजी पुष्पेंद्र कुमार, अमनीत पी कुमार के सेक्टर-24 स्थित सरकारी आवास पहुंचे और करीब 45 मिनट बाद वहां से निकले। डीजीपी ने बताया कि उन्होंने परिवार से बातचीत की और जल्द पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि परिवार की कुछ शिकायतें हैं जिन पर काम किया जा रहा है। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, जिसकी कमान आईजी के पास है।






