एमपी: मोबाइल गेमिंग की लत ने उजाड़ा परिवार, पिता-बेटी के बाद आठ दिन बाद मां की भी मौत

मध्य प्रदेश के शहडोल में ऑनलाइन मोबाइल गेमिंग की लत ने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया। कर्ज के बोझ से दबे एक व्यक्ति ने कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पहले अपनी पत्नी और बेटी को पिला दिया और बाद में खुद भी वही जहरीला पेय पी लिया। इस घटना में अब परिवार के तीनों सदस्यों की मौत हो चुकी है। जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती में सत्यम वीडियो के पास 24 फरवरी की रात यह दर्दनाक घटना सामने आई थी। इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज शहडोल में आठ दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मां राजकुमारी ने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले 25 फरवरी को पिता शंकर लाल गुप्ता और उनकी बेटी स्वाति गुप्ता की मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक पुरानी बस्ती निवासी शंकर लाल गुप्ता को ऑनलाइन गेम खेलने की लत लग गई थी। बताया जा रहा है कि गेम के दौरान वह लगातार पैसे हारते गए और देखते ही देखते लाखों रुपये के कर्ज में डूब गए। बढ़ते आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने 24 फरवरी की रात यह खौफनाक कदम उठा लिया।


आरोप है कि शंकर लाल ने कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पले अपनी पत्नी राजकुमारी और बेटी स्वाति को पिला दिया, इसके बाद खुद भी वही जहरीला पेय पी लिया। जहरीला पेय पीते ही तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों और पड़ोसियों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान 25 फरवरी को शंकर लाल और उनकी बेटी स्वाति की मौत हो गई, जबकि राजकुमारी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। करीब आठ दिनों तक जिंदगी से संघर्ष करने के बाद आखिरकार उन्होंने भी दम तोड़ दिया।

इस हृदयविदारक घटना के बाद परिवार में अब केवल 15 वर्षीय बेटा अनिकेत गुप्ता ही बचा है। घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं था, जिससे वह जहरीला पेय पीने से बच गया और उसकी जान बच गई। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। साथ ही ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी जैसे प्लेटफॉर्म की खतरनाक लत को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। एक गलत फैसले ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया और पीछे छोड़ गया एक मासूम बेटे का अकेलापन।

विशिखा मीडिया

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