बलरामपुर के छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन और उसके गिरोह के खिलाफ एटीएस की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह न केवल धर्मांतरण कराता था, बल्कि मजबूर महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदातों में भी शामिल था।
चार्जशीट के अनुसार, छांगुर और उसके पांच साथियों पर आरोप है कि वे लोगों को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन देते और डराते थे, ताकि जनसंख्या के स्वरूप में बदलाव किया जा सके। इसके अलावा गिरोह हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करता था और इस्लाम को सर्वोच्च बताकर धर्मांतरण के लिए लोगों को उकसाता था। आरोपी नीतू और नवीन रोहरा का उदाहरण देकर धर्मांतरण के फायदे बताते थे। विवेचना के दौरान एटीएस को छांगुर के पास से धार्मिक प्रचार सामग्री, शिजरए तैयबा की किताबें और ऐसे पंपलेट मिले जिनमें हिंदू धर्म को अपमानित करने वाले नारे और इस्लाम की श्रेष्ठता का प्रचार था।
चार्जशीट में उल्लेख है कि गिरोह ने बलरामपुर और आसपास के जिलों में आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय लोगों को निशाना बनाया। उन्हें जहन्नुम का भय दिखाकर और धन-संपत्ति के लालच में धर्मांतरण के लिए मजबूर किया गया। गिरोह जमीन की खरीद-फरोख्त में भी सक्रिय था।
दूसरी चार्जशीट में यूपी एटीएस ने कुल 33 गवाहों के बयान दर्ज किए, जिनसे गिरोह की कार्यप्रणाली का पता चला। छांगुर पर छेड़छाड़ और दुष्कर्म में सहयोग करने के गंभीर आरोप हैं। औरैया की एक पीड़िता ने बताया कि छांगुर ने उसके साथ छेड़छाड़ की, जबकि उसके करीबी सहयोगियों ने दुष्कर्म किया। इसके अलावा तीन अन्य महिलाओं ने भी बलात्कार, जातीय अपमान और छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर गवाही दी है।
चार्जशीट में यह भी सामने आया कि गिरोह का उद्देश्य भारत की जनसंख्या संतुलन को बदलकर देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाना और शरीयत कानून लागू करना था। गिरोह के बैंक खातों में विदेशी फंडिंग के सबूत मिले हैं। नवीन रोहरा के खाते में दुबई से 23.61 करोड़ रुपये आए थे, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा कोर्ट कर्मचारी राजेश उपाध्याय सहित अन्य आरोपियों को ट्रांसफर किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले गिरोह से जुड़े दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जबकि बाकी आरोपियों के खिलाफ जांच अभी जारी है।
यूपी: मजबूर महिलाओं संग दरिंदगी करता था छांगुर गैंग, कोर्ट में चार्जशीट दाखिल






