हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए मतदान कल संपन्न हो गए हैं। एग्जिट पोल ने इशारा कर दिया है कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी। एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस को बढ़त मिली है। इंडिया टुडे एक्सिस माय इंडिया, ध्रुव रिसर्च और सीएनएन 24 सहित कई एग्जिट पोल्स ने कांग्रेस की सरकार बनने का अनुमान लगाया है। अब कांग्रेस में कई नेता मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं।
हरियाणा कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की दौड़ में पहला और प्रमुख नाम विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा का है। उन्होंने इस विधानसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व किया है और 2005 से 2014 तक दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी जताते हुए उन्होंने कहा, “राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी। मैं अभी रिटायर नहीं हुआ हूं। लेकिन मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला पार्टी आलाकमान करेगा।” मुख्यमंत्री पद की दौड़ में भूपिंदर सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा का नाम भी चर्चा में है। कहा जा रहा है कि अगर भूपिंदर सिंह हुड्डा का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए नहीं आता है, तो वे अपने बेटे दीपेंद्र का नाम आगे कर सकते हैं।
इस सूची में दूसरा नाम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की महासचिव और सिरसा से सांसद कुमारी शैलजा का है। वे एक प्रमुख दलित चेहरा हैं और गांधी परिवार की करीबी मानी जाती हैं। मुख्यमंत्री पद की दावेदारी करते हुए उन्होंने कहा था, “कांग्रेस मेरे अनुभव और पार्टी के प्रति मेरी निष्ठा को नकार नहीं सकती। मैं कांग्रेस की वफादार सिपाही हूं और हमेशा रहूंगी।” रणदीप सिंह सुरजेवाला का नाम भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तेजी से चर्चा में है। कैथल में अपना वोट डालने के बाद राज्यसभा सांसद और एआईसीसी महासचिव सुरजेवाला ने कहा, “मुख्यमंत्री बनने की आकांक्षा रखना गलत नहीं है। हम मुख्यमंत्री के चेहरे पर राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा लिए गए निर्णय को स्वीकार करेंगे।”
हरियाण चुनाव के एग्जिट पोल में कांग्रेस आगे, मुख्यमंत्री पद के लिए हो सकते हैं ये दावेदार






