इस्राइली विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हमारे ऊपर चारों ओर से हमले हो रहे हैं। न सिर्फ गाजा और लेबनान से, बल्कि कुछ हफ्ते पहले ईरान ने भी हमले किए थे और यमन से भी हमले हो रहे हैं।” इस्राइल के विदेश मंत्रालय के उप-प्रवक्ता एलेक्स गैंडलर ने कहा कि 7 अक्तूबर जैसी घटना दोबारा कभी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हम आतंकवादियों का सफाया कर देंगे और ईरान पर इस्राइल के खिलाफ प्रोक्सी युद्ध लड़ने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि ईरान इस्राइल को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हमारी सेना मजबूत है और हम अभी अच्छी स्थिति में हैं।
प्रवक्ता ने कहा, “हमारे ऊपर हमले हो रहे हैं, न केवल गाजा और लेबनान से, बल्कि कुछ समय पहले ईरान और यमन से भी हमले किए गए। हम इसे इस्राइल पर सात मोर्चों से हमले के रूप में मानते हैं। लेकिन हमारी सेना मजबूत स्थिति में है और हम हर हमले का जोरदार जवाब देने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा कि “पूरी दुनिया जानती है कि हालात क्या हैं। ईरान रॉकेट्स और अपने पाले हुए आतंकी संगठनों के जरिए हम पर हमले कर रहा है। यह लड़ाई पिछले एक साल से चल रही है। केवल हम पर ही नहीं, समुद्र में हूती विद्रोही भी हमले कर रहे हैं। कई ताकतें इस्राइल को निशाना बना रही हैं, और इनमें से अधिकांश के पीछे ईरान है।”
गैंडलर ने इस्राइल पर हमास के हमले के एक साल पूरा होने पर कहा कि हमारा संदेश स्पष्ट है: हम हर आतंकी का सफाया करेंगे। 7 अक्तूबर की घटना इस्राइल में कभी नहीं होगी। यह हमारे लिए एक बड़ा पाठ है। हम एक लंबी इतिहास वाली संप्रभुता के मालिक हैं और हम हमेशा अपनी गलतियों से सीखते हैं। दो देशों के बीच समझौते पर उन्होंने कहा कि “पहले हम अपने रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करेंगे और उसके बाद ही शांति की बात हो सकती है। हम एक ऐसे देश की उम्मीद रखते हैं, जहां लोग शांति से अपने बच्चों के साथ रह सकें।”
एलेक्स गैंडलर ने कहा कि “ईरान एक असफल देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था खराब है। ईरान हम पर हमला करता है, लेकिन उसकी असली ताकत उसके द्वारा खड़े किए गए संगठनों में है। वर्षों से ईरान ने ये संगठन खड़े किए हैं। तेल और गैस से समृद्ध ईरान इन पैसों को अपने नागरिकों के भले के लिए खर्च कर सकता था, लेकिन उसने इसे इस्राइल के खिलाफ प्रॉक्सी तैयार करने में खर्च किया। लेकिन अब ये सभी प्रॉक्सी असफल हो गए हैं। ईरान बुलगारिया, अर्जेंटीना और लेबनान में आतंकी हमलों में शामिल है। सीरिया में भी आतंकी हमलों के पीछे ईरान है। ईरान ने इस्राइल को तबाह करने के लिए जो भी संगठन बनाए हैं, वे एक दिन नष्ट हो जाएंगे।”
गैंडलर ने कहा कि “भारत और इस्राइल के संबंध काफी मजबूत हैं। भारत इस्राइल का एक अहम सहयोगी है और हम भारत को क्षेत्र में एक मजबूत आवाज के रूप में देखते हैं। कई देश मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि सबसे पहले ईरान को यह संदेश दिया जाए कि क्षेत्र में शांति होनी चाहिए और उसके प्रॉक्सी इस्राइल पर हमले बंद करें।” उन्होंने कहा कि “दुर्भाग्यवश, पिछले कुछ हफ्तों से शांति की कोई बातचीत नहीं हुई है। हमास के प्रमुख हसन सिनवार ने कुछ मध्यस्थताओं से बात की थी, लेकिन जब से इस्राइल ने हिजबुल्ला के खिलाफ हमले शुरू किए हैं, तब से शांति की कोई बातचीत नहीं हुई है। सिनवार भी इसके बाद से गायब सा हो गया है। शायद उसे अहसास हो गया है कि जो हसन नसरल्ला के साथ हुआ है, वही उसके साथ भी हो सकता है।” गैंडलर ने कहा कि “भारत और इस्राइल दोनों हिंसा के शिकार हैं और दोनों को कट्टरपंथी इस्लामिक विचारधारा से समान खतरे का सामना करना पड़ रहा है। हम बहुत संवाद और सहयोग करते हैं।”
7 अक्तूबर जैसी घटना न तो दोबारा होने देंगे, न ही किसी आतंकी को छोड़ेंगे’- इस्राइल






