सुप्रीम कोर्ट में आरजी कर अस्पताल केस की सुनवाई शुरू, सीबीआई को तीन हफ्ते का समय दिया

सुप्रीम कोर्ट में आज कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 31 वर्षीय महिला डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में स्वत: संज्ञान वाली याचिका पर सुनवाई शुरू हुई। अदालत ने सीबीआई की जांच की स्थिति रिपोर्ट देखने के बाद जांच एजेंसी को तीन और हफ्ते का समय दिया।
कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 31 वर्षीय महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या और अस्पताल की कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच सीबीआई जारी रखेगी। अदालत ने जांच एजेंसी को तीन हफ्ते बाद अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इससे पहले, सीबीआई का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आर.जी. कर मामले में अद्यतन स्थिति रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है। मेहता ने यह भी बताया कि दुष्कर्म मामले में संबंधित अदालत, सियालदह कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है।
सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि दुष्कर्म और हत्या के मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है। अदालत ने सीबीआई की ओर से दाखिल स्थिति रिपोर्ट पर गौर करते हुए पाया कि आरोपी संजय रॉय के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हो चुका है, और संबंधित अदालत ने उस पर संज्ञान ले लिया है। सीबीआई ने मेडिकल कॉलेज की वित्तीय अनियमितताओं की जांच में हुए घटनाक्रम पर भी प्रकाश डाला। सुप्रीम कोर्ट ने तथ्यों का अवलोकन करने के बाद कहा कि दोनों मामलों की जांच आगे भी जारी रहेगी। अदालत ने सीबीआई को तीन सप्ताह के भीतर जांच की प्रगति पर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ कर रही है। तीन जजों की इस पीठ ने 30 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई में पश्चिम बंगाल सरकार के रवैये पर असंतोष जताया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 अक्टूबर तक सीसीटीवी लगाने और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शौचालय और अलग विश्राम कक्षों के निर्माण के लंबित कामों को पूरा करने का निर्देश दिया था।
गौरतलब है कि 8-9 अगस्त की रात कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में 31 वर्षीय महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना घटी थी। इस जघन्य घटना से आक्रोशित डॉक्टर इंसाफ की मांग को लेकर 10 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। कई डॉक्टरों की तबीयत भी बिगड़ चुकी है। इससे पहले देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए, और अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की है।

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