न्यूजीलैंड ने बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारत को आठ विकेट से हरा दिया। 107 रनों का पीछा करते समय कीवी टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पहले सत्र में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने अपनी स्विंग गेंदबाजी से कीवी बल्लेबाजों को परेशान किया। हालांकि, कई बार गेंद बल्ले का किनारा लगकर चौके चली गईं और भारतीय गेंदबाजों की किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। इससे भारत को हार झेलनी पड़ी। पहली पारी में कम स्कोर ने भी भारत के लिए मुश्किलें खड़ी कीं। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अगला मैच 24 अक्टूबर से पुणे में खेला जाएगा।
भारत ने पहली पारी में सिर्फ 46 रन बनाए थे, जिसके जवाब में न्यूजीलैंड ने अपनी पहली पारी में 402 रन बनाए। इस तरह न्यूजीलैंड को 356 रनों की बढ़त मिली। दूसरी पारी में भारत ने 462 रन बनाकर 106 रनों की बढ़त हासिल की। जवाब में न्यूजीलैंड ने 107 रनों का लक्ष्य 27.4 ओवरों में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। न्यूजीलैंड के दो विकेट कप्तान टॉम लाथम (0) और डेवोन कॉनवे (17) के रूप में गिरे। रचिन रवींद्र 39 रन और विल यंग 45 रन बनाकर नाबाद रहे और दोनों के बीच 72 रनों की नाबाद साझेदारी हुई।
यह भारत में न्यूजीलैंड की तीसरी टेस्ट जीत थी, जो 36 साल बाद आई है। इससे पहले 1969 में ग्राहम डॉलिंग की कप्तानी में नागपुर में न्यूजीलैंड ने भारत को 167 रनों से हराया था, और 1988 में जॉन राइट की कप्तानी में वानखेड़े में 136 रनों से। पहली बार न्यूजीलैंड ने भारत में किसी टेस्ट मैच में लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की है। इस हार के साथ भारत के घरेलू मैदान पर लगातार जीतने का सिलसिला भी टूट गया। भारत ने इस मैच से पहले अपने घर में लगातार छह टेस्ट मैच जीते थे। आखिरी बार 25 जनवरी को इंग्लैंड ने हैदराबाद में भारत को 28 रनों से हराया था, जिसके बाद भारत ने छह लगातार मैच जीते थे। अब यह सिलसिला खत्म हो गया है। 24 साल बाद किसी विदेशी टीम ने भारत में 100 से ज्यादा रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया है। इससे पहले 2000 में दक्षिण अफ्रीका ने वानखेड़े में भारत के खिलाफ 164 रनों का लक्ष्य हासिल किया था।
पहले दिन का खेल पूरी तरह बारिश से धुल गया था और उस दिन टॉस भी नहीं हो सका। दूसरे दिन टॉस हुआ और भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, जो गलत साबित हुआ। भारत की पहली पारी सिर्फ 46 रनों पर सिमट गई। भारतीय बल्लेबाजी बुरी तरह ढह गई, और टीम के 11 खिलाड़ी मिलकर 50 रन भी नहीं बना सके। खराब बल्लेबाजी के बाद भारतीय गेंदबाजी भी कुछ खास नहीं रही। टीम के पांच बल्लेबाज (विराट कोहली, सरफराज खान, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन) खाता भी नहीं खोल सके। ऋषभ पंत ने सबसे ज्यादा 20 रन बनाए, जबकि यशस्वी जायसवाल ने 13 रन बनाए। रोहित शर्मा ने 2 रन और जसप्रीत बुमराह ने 1 रन बनाए।
न्यूजीलैंड की पहली पारी 402 रनों पर समाप्त हुई, जिसमें रचिन रवींद्र ने 134 रन की बेहतरीन पारी खेली। वह आखिरी विकेट के रूप में आउट हुए। अपनी 157 गेंदों की पारी में उन्होंने 13 चौके और 4 छक्के लगाए। कुलदीप यादव ने उन्हें सब्स्टिट्यूट विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के हाथों कैच कराया। डेरिल मिचेल (18), टॉम ब्लंडेल (5), ग्लेन फिलिप्स (14), और मैट हेनरी (8) ज्यादा योगदान नहीं दे सके। रचिन ने टिम साउदी के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए 137 रनों की साझेदारी की।
रचिन ने टेस्ट करियर का दूसरा शतक जड़ा, जबकि साउदी ने टेस्ट करियर का सातवां अर्धशतक लगाया। साउदी ने सिराज की गेंद पर 73 गेंदों में 65 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 4 छक्के शामिल थे। भारत के लिए कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि मोहम्मद सिराज को दो और जसप्रीत बुमराह और अश्विन को एक-एक विकेट मिला।
भारत की दूसरी पारी 462 रनों पर खत्म हुई। यशस्वी जायसवाल और रोहित शर्मा ने 72 रनों की अच्छी शुरुआत दी। यशस्वी 35 रन और रोहित 52 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद विराट कोहली ने सरफराज खान के साथ मिलकर 136 रनों की साझेदारी की। कोहली 70 रन बनाकर आउट हुए। सरफराज ने अपना पहला टेस्ट शतक लगाया, 195 गेंदों पर 150 रन बनाए। ऋषभ पंत 99 रन बनाकर आउट हुए। निचले क्रम के बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। केएल राहुल ने 12 रन, रवींद्र जडेजा ने 5 रन और अश्विन ने 15 रन बनाए।
न्यूजीलैंड ने पहले टेस्ट में भारत को आठ विकेट से हराया, टीम इंडिया की जीत का सिलसिला टूटा






