भाजपा ने राजस्थान में उपचुनावों के लिए कांग्रेस से पहले अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। हालांकि 7 में से 6 सीटों पर ही उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई है। डूंगरपुर-बांसवाड़ा की चौरासी सीट के लिए टिकट अभी होल्ड पर रखा गया है। बाकी झुंझुनू, देवली-उनियारा, दौसा, सलूंबर, खींवसर और रामगढ़ सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनावों में जिन उम्मीदवारों को मौका दिया था, उनमें से किसी को भी इस बार रिपीट नहीं किया है। खास बात यह है कि कुछ सीटों पर भाजपा ने पिछले चुनावों के बागी नेताओं को इस बार पार्टी के टिकट पर मैदान में उतारा है। भाजपा ने झुंझुनूं से राजेंद्र भांबू को उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। 2018 में भी वे भाजपा के उम्मीदवार थे, लेकिन 2023 में उनकी जगह निशीत कुमार उर्फ बबलू को टिकट दिया गया था, जो चुनाव हार गए थे। इसलिए इस बार फिर से राजेंद्र भांबू को मैदान में उतारा गया है।
2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने रेवंत राम डागा को भी प्रत्याशी बनाया था, लेकिन वे हनुमान बेनीवाल से करीबी मुकाबले में हार गए थे। अब उपचुनावों में भाजपा ने एक बार फिर डागा को मैदान में उतारा है। यहां रोचक मुकाबला देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, भाजपा ने किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन को उम्मीदवार बनाया है। जगमोहन को टिकट दिलवाने के लिए किरोड़ी काफी समय से प्रयास कर रहे थे। पिछले विधानसभा चुनावों में आखिरी वक्त पर उनका टिकट कट गया था।
रामगढ़ सीट पर भाजपा ने इस बार दशकों बाद आहूजा परिवार के बाहर से टिकट दिया है। पिछले चुनावों में सुखवंत सिंह ने बीजेपी से बागी होकर आजाद समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और 74 हजार से अधिक वोट प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रहे थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी जय आहूजा तीसरे स्थान पर रहे थे। इस बार भाजपा ने अपने पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह गुर्जर को मौका दिया है, जो 2018 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीतकर आए थे। 2023 में उनका टिकट काटकर विजय बैंसला को दिया गया था, जो कांग्रेस के हरीश मीणा से हार गए थे। अब उपचुनाव में फिर से राजेंद्र गुर्जर को उम्मीदवार बनाया गया है। सलूंबर में भाजपा ने सहानुभूति की लहर का फायदा उठाने के लिए अपने दिवंगत विधायक अमृत लाल मीणा की पत्नी शांता देवी को उम्मीदवार बनाया है। अमृत लाल मीणा का इसी साल सितंबर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।
राजस्थान उपचुनाव में बीजेपी ने इस बार बागियों को भी मौका दिया






