जयपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित खीर वितरण कार्यक्रम में चाकूबाजी करने के आरोपी नसीब चौधरी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने नसीब चौधरी के अवैध निर्माण पर कार्रवाई की है। नसीब चौधरी और उसके बेटे भीष्म चौधरी दोनों ही इस चाकूबाजी मामले में आरोपी हैं। जेडीए ने शनिवार को नसीब चौधरी को अतिक्रमण का नोटिस जारी किया था, जिस पर आरोप है कि उन्होंने अपने मकान के पास स्थित मंदिर की जमीन पर अवैध रूप से एक कमरे का निर्माण कर रखा था।
शनिवार को नोटिस जारी करने के बाद, आज सुबह जेडीए का अतिक्रमण रोधी दस्ता वहां पहुंचा और बुलडोजर से मंदिर से सटे अवैध निर्माण को हटा दिया। जेडीए के एक अधिकारी के मुताबिक, नोटिस देने के बावजूद चौधरी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। चौधरी ने उस अवैध कमरे में अपना सामान रखा हुआ था।
आपको बता दें कि जयपुर के करणी विहार थाना क्षेत्र के रजनी विहार में गुरुवार रात को शरद पूर्णिमा के अवसर पर आरएसएस द्वारा खीर वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान अचानक कुछ लोग आए और हंगामा करते हुए चाकू से कई लोगों पर हमला कर दिया। इस घटना में लगभग 10 लोग घायल हो गए।
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें देखा जा सकता है कि महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में अचानक हमलावर प्रवेश करते हैं। वे चाकू लेकर आए थे और मंदिर परिसर में कुछ लोग आराम से बैठे थे, जिनमें एक बच्चा और महिला भी शामिल थे। इसी दौरान दो लोग खीर के बर्तन को लात मारकर गिरा देते हैं और गाली-गलौज करते हुए चाकू से हमला करना शुरू कर देते हैं। घायलों को सवाई मान सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस घटना से नाराज कुछ लोगों ने थोड़े समय के लिए दिल्ली-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया, हालांकि देर रात उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया।
राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
जयपुर में खीर वितरण कार्यक्रम में चाकूबाजी करने वाले के घर बुलडोजर चला






