एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्य की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) बोर्ड में कोई भी गैर-हिंदू सदस्य नहीं है। टीटीडी के नए चेयरमैन का कहना है कि वहां काम करने वाले लोग हिंदू ही होने चाहिए, और हम इस पर कोई आपत्ति नहीं करते। लेकिन हमारी आपत्ति इस बात पर है कि केंद्र सरकार वक्फ के प्रस्तावित बिल में यह प्रावधान ला रही है कि केंद्रीय वक्फ परिषद में दो गैर-मुस्लिम सदस्य होने अनिवार्य हैं। टीटीडी हिंदू धर्म से संबंधित है और वक्फ बोर्ड मुस्लिम धर्म से संबंधित है, तो जब टीटीडी में गैर-हिंदू सदस्य नहीं होते, तो वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्य क्यों हो?
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के संबंध में ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम अपने दम पर चुनाव लड़ रही है। उनका मानना है कि जब मुसलमानों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में अधिकार मिलेंगे, तो भारतीय राजनीति मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि भारतीय संसद में मुस्लिम सांसदों की संख्या केवल 4% है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पूरी कोशिश है कि शिंदे, फडणवीस और अजित पवार की सरकार फिर से सत्ता में न आए।
बड़गाम आतंकी हमले पर जेकेएनसी प्रमुख फारूक अब्दुल्ला के बयान का जवाब देते हुए ओवैसी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना एलजी की जिम्मेदारी है और अगर वहां आतंकी हमले हो रहे हैं, तो बीजेपी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। ओवैसी ने कहा कि आतंकवादी पाकिस्तान से आ रहे हैं, तो उन्हें रोकने का काम मोदी सरकार का है।
वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्य रखने पर ओवैसी ने सवाल उठाए





