जोधपुर: जोधपुर रेंज की विशेष साइक्लोनर टीम ने रीट पेपर लीक घोटाले के मामले में फरार आरोपी इमरती बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे बम्बोर में स्थित उसके पिता के ढाबे से पकड़ा, जहां वह छिपकर रह रही थी। इमरती पहले तीन बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुकी थी। वह ढाबे के पीछे बने एक ठिकाने में रह रही थी। इस बार पुलिस ने ग्राहक बनकर ढाबे पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था।
साल 2021 के रीट परीक्षा घोटाले में इमरती के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इस दौरान पुलिस को उसके दस्तावेज और परीक्षा प्रवेश पत्र मौके से मिले थे, जिनमें कंप्यूटर से छेड़छाड़ की गई थी। जांच में सामने आया कि इमरती को परीक्षा में अभ्यर्थी बनाकर बैठाने का ठेका छमी बिश्नोई ने लिया था, जिसे तीन महीने पहले वृंदावन से गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में पुलिस ने पहले ही संगीता, किरण और भंवरी को गिरफ्तार किया था। फरारी के दौरान इमरती कल्याणपुर, जोधपुर और बम्बोर में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपती रही और आखिरकार बम्बोर में पिता के ढाबे के पीछे ठिकाना बना लिया।
जोधपुर रेंज के आईजी विकास कुमार ने बताया कि उमरलाई निवासी इमरती, पत्नी रमेश बिश्नोई, को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक कन्हैयालाल के नेतृत्व में एसआई सरोज, कांस्टेबल महेंद्र, राकेश, जोगाराम, रोहिताश, राकेश और मनीष की टीम शामिल रही।
साइक्लोनर सेल के गठन के आठ महीने में अब तक 56 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से 10 आरोपी विभिन्न परीक्षा घोटालों से जुड़े हैं। इन घोटालों के मुख्य अपराधी पौरव कालेर को सीकर से, छमी बिश्नोई को वृंदावन से, वर्षा विश्नोई को कोटा से, शैतानाराम को गंगानगर से और सुनील व ओम प्रकाश ढाका को हैदराबाद से पकड़ा गया है।
राजस्थान: रीट पेपर लीक घोटाले में फरार आरोपी को पुलिस ने ढाबे से दबोचा






