राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने शनिवार को दौसा में जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार पर तीखा हमला बोला।
दौसा: कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने दौसा में जलदाय विभाग के एक नए कार्यालय का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने मंच से बोलते हुए पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की तीखी आलोचना की और अपने मंत्री पद से इस्तीफे के पीछे दौसा से सांसद मुरारीलाल मीणा को जिम्मेदार ठहराया। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि गहलोत सरकार के कार्यकाल में परीक्षाओं और योजनाओं के संचालन में भारी अनियमितताएं रहीं परीक्षा के पेपर, भर्ती प्रक्रिया और यहां तक कि पानी तक लीक हो गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत की व्यक्तिगत ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाना चाहते, लेकिन शासन की कार्यप्रणाली निराशाजनक रही।
सांसद के कारण मंत्री पद गंवाना पड़ा
मीणा ने कहा कि सांसद मुरारीलाल मीणा के कारण उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। “उन्होंने न केवल इस्तीफा दिलवाया, बल्कि मुझे नौ महीने तक सियासी वनवास में भी रखा। उन नौ महीनों में मैं बस इधर-उधर भटकता रहा। आप चाहें तो इसे मेरा अवकाश मान सकते हैं।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब किसान हित की योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।
सांसद की सिफारिश पर तबादले
किरोड़ी लाल मीणा ने खुलासा किया कि मुरारीलाल मीणा के कहने पर उन्होंने उनके भांजे की बहू की पोस्टिंग मलारना डूंगर में करवाई थी, जिसे बाद में लालसोट विधायक से कहकर लालसोट स्थानांतरित करा दिया गया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में जो अधिकारी भेदभाव करते थे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
जाति की राजनीति से दूरी
मीणा ने स्पष्ट किया कि चुनाव के समय उनके और मुरारीलाल मीणा के एक होने की अफवाहें फैलाई गईं, लेकिन हर नेता अपनी पार्टी के लिए काम करता है। “मैं कभी जातिगत बात नहीं करता, क्योंकि मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा से जुड़ा हूं, जहां जाति की कोई चर्चा नहीं होती।”






