गौतम अडाणी पर अमेरिका में रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। न्यूयॉर्क की यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में यह मामला दर्ज किया गया है, जिसमें अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी समेत अन्य प्रमुख भारतीय अधिकारियों पर कथित रूप से 250 मिलियन डॉलर की रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी की योजना में शामिल होने का आरोप है। अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी अभियोजकों ने बताया कि गौतम अडाणी, सागर आर. अडाणी और विनीत एस. जैन पर प्रतिभूति और वायर धोखाधड़ी की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। दावा किया गया है कि उन्होंने झूठे और भ्रामक बयानों के माध्यम से अमेरिकी निवेशकों और वैश्विक वित्तीय संस्थानों से धन जुटाने के लिए अरबों डॉलर की योजना बनाई।
इस मामले में रंजीत गुप्ता, रूपेश अग्रवाल (एक अक्षय ऊर्जा कंपनी के पूर्व अधिकारी), और सिरिल कैबनेस, सौरभ अग्रवाल व दीपक मल्होत्रा (एक कनाडाई संस्थागत निवेशक के पूर्व कर्मचारी) पर विदेशी भ्रष्टाचार आचरण अधिनियम के उल्लंघन का आरोप है। अभियोग के अनुसार, इन व्यक्तियों ने रिश्वतखोरी योजना में शामिल होकर कानून का उल्लंघन किया। यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी ब्रायन पीस ने कहा, “आरोपियों ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देकर अरबों डॉलर के बॉन्ड को सुरक्षित करने की योजना बनाई।” वहीं, एफबीआई के सहायक निदेशक जेम्स डेनेही ने कहा, “आरोपियों ने भारत सरकार को रिश्वत देकर अपने व्यापार को लाभ पहुंचाने की कोशिश की और निवेशकों को धोखा दिया।”
अमेरिका द्वारा इन गंभीर आरोपों के बाद अडाणी ग्रुप ने गुरुवार को अमेरिका के 600 मिलियन डॉलर के बॉन्ड को रद्द कर दिया, जिससे एशियाई बाजार में समूह की अमेरिकी मुद्रा में भारी गिरावट देखी गई। इस मामले में एफबीआई, न्याय विभाग और सिक्योरिटी और एक्सचेंज कमीशन की संयुक्त जांच चल रही है। हालांकि, गौतम अडाणी या इस मामले में नामित अन्य व्यक्तियों की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने अडाणी पर लगाया 250 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप






