जयपुर। केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि राजस्थान के कई शहरों की वायु गुणवत्ता भी खराब से बेहद खराब हो चुकी है। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और स्मॉग के कारण दृश्यता भी कम हो गई है। यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। जयपुर के साथ-साथ भिवाड़ी, सीकर, कोटा, टोंक, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 250 से 400 के बीच पहुंच गया है। जयपुर की हवा भी बेहद खराब श्रेणी में आ गई है। यहां का AQI 200 से 300 के स्तर पर पहुंच गया है, जो स्वस्थ लोगों के लिए भी खतरनाक है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के ऑनलाइन डाटा के अनुसार, जयपुर में पिछले पांच दिनों से वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। 16 नवंबर को AQI 188 था, जो 17 नवंबर को 179, 18 नवंबर को 210, 19 नवंबर को 220 और 20 नवंबर को औसतन 251 तक पहुंच गया। शहर के सीतापुरा, मानसरोवर और मुरलीपुरा जैसे इलाकों में पीएम-2.5 और पीएम-10 का स्तर 400 के पार हो गया है, जो गंभीर श्रेणी में आता है।
इन 5 जिलों में खनन और निर्माण कार्य बंद
एनसीआर से जुड़े अलवर, भरतपुर, डीग, तिजारा-खैरथल और बहरोड़-कोटपूतली जिलों में खनन, स्टोन क्रशर और ईंट-भट्टे जैसे कार्य रोक दिए गए हैं। फ्लाईओवर, सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों पर भी रोक लगा दी गई है। तिजारा-खैरथल क्षेत्र में पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की छुट्टियां घोषित की गई हैं। इस संबंध में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने शिक्षा विभाग, खनन विभाग, परिवहन विभाग और रीको व इंडस्ट्रीज को निर्देश जारी किए हैं। ये कदम कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट इन एनसीआर एंड एडज्वाइनिंग एरियाज के दिशा-निर्देशों के तहत उठाए गए हैं।
दिल्ली एनसीआर के बाद अब राजस्थान में एक्यूआइ 300 पार; हवा में फैला प्रदूषण






