एचएमपीवी वायरस की भारत में पुष्टि होने के बाद मध्य प्रदेश सरकार भी अलर्ट हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं।
भारत में एचएमपीवी वायरस के मामले सामने आने के बाद मध्य प्रदेश सरकार भी सतर्क हो गई है। इसको देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को एचएमपीवी वायरस की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी एचएमपीवी वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि वे वायरस की स्थिति पर गहराई से नजर रखें और मेडिकल कॉलेजों में पे-प्रोटेक्शन संबंधित प्रस्ताव तैयार कर जल्द कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्तुत करें। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत सतत निगरानी बनाए रखना और स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी तैयारी करना जरूरी है।
भारत में दो संक्रमित मामलों की पुष्टि
सरकार ने चीन में सामने आए एचएमपीवी वायरस के भारत में अब तक दो मामलों की पुष्टि की है। पहली घटना बेंगलुरु के एक अस्पताल में हुई, जहां 3 महीने की बच्ची और 8 महीने के बच्चे में वायरस पाया गया है। खास बात यह है कि दोनों मामलों में कोई अंतरराष्ट्रीय यात्रा इतिहास नहीं है।
एचएमपीवी वायरस के लक्षण
एचएमपीवी वायरस के लक्षण आम सर्दी के वायरसों जैसे ही होते हैं। इनमें खांसी, बुखार, नाक बहना, गले में खराश या जलन, सांस लेने में कठिनाई शामिल है। यह समस्या शिशुओं और छोटे बच्चों में अधिक गंभीर हो सकती है।





