प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार मंदार ने कहा, “30 जनवरी से श्रद्धालु वापस लौट रहे हैं, इसलिए पुलिस को डायवर्जन और बैरिकेड्स हटाने के निर्देश दिए गए हैं। 31 जनवरी, 1 फरवरी और 4 फरवरी को वाहनों के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।”
उन्होंने जिले में वाहनों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की घोषणा की, जो महाकुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही गलत जानकारी पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया, “एक वायरल संदेश में दावा किया जा रहा है कि प्रयागराज में 4 फरवरी तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जो पूरी तरह से गलत है। मौनी अमावस्या स्नान को ध्यान में रखते हुए ही डायवर्जन योजना लागू की गई थी।”
मजिस्ट्रेट ने यह भी बताया कि बसंत पंचमी स्नान के लिए 2 और 3 फरवरी को डायवर्जन योजना फिर से लागू की जाएगी। उन्होंने कहा, “मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश की अलग प्रक्रिया होगी, जिसे मेला अधिकारी और डीआईजी प्रबंधित करेंगे और आगे की अधिसूचनाएं जारी करेंगे। प्रयागराज कमिश्नरी क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं है।”
उन्होंने 4 फरवरी तक प्रयागराज सीमा क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध की खबर को अफवाह बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाकुंभ क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश के लिए अलग प्रक्रिया निर्धारित की गई है, जिसकी जानकारी मेला अधिकारी और डीआईजी मेला देंगे। फिलहाल, प्रयागराज जिले में यातायात को लेकर कोई रोक-टोक नहीं है।
गौरतलब है कि महाकुंभ मेले में भगदड़ की घटना के बाद यह खबर आई थी कि अब मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा, भले ही वाहन पर पास क्यों न हो। वर्तमान में मेला क्षेत्र को पूरी तरह से नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। मेला प्रशासन ने VVIP पास भी रद्द कर दिए हैं और मार्गों को वन-वे बनाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को स्नान के बाद एक अलग रास्ते से भेजा जा रहा है, ताकि ट्रैफिक जाम और भगदड़ जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रयागराज में सडकों से बैरिकेड्स हटाने के निर्देश, वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबन्ध नहीं





