तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की संपत्तियाँ आखिरकार राज्य सरकार के अधीन आ गई हैं। बता दें कि उनके निधन के बाद से उनकी सभी संपत्तियाँ कर्नाटक सरकार के पास थीं, जिनमें 27 किलो से अधिक सोने के आभूषण, 1116 किलो चांदी के गहने और 1500 एकड़ से अधिक जमीन के दस्तावेज शामिल थे। बेंगलुरु की अदालत ने इन संपत्तियों को तमिलनाडु सरकार को सौंपने का आदेश दिया था। इससे पहले, ये संपत्तियाँ कर्नाटक सरकार के पास थीं।
कर्नाटक विधान सभा के खजाने में रखी थीं संपत्तियाँ
अब तक, कर्नाटक सरकार 27 किलो 558 ग्राम सोने के गहनों, 1,116 किलो चांदी और 1,526 एकड़ जमीन से जुड़े दस्तावेजों को अपने पास सुरक्षित रखे हुए थी। ये सभी वस्तुएँ कर्नाटक विधान सभा के खजाने में रखी गई थीं। अदालत और सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में इन्हें तमिलनाडु सरकार को सौंप दिया गया।
सोने का मुकुट
इस पूरी कार्रवाई के दौरान कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त वस्तुओं का दस्तावेजीकरण और फोटोग्राफी की गई। तस्वीरों में जयललिता की संपत्ति की झलक देखने को मिली, जिसमें सबसे खास वस्तु एक भव्य सोने का मुकुट था, जिसकी नक्काशी और कारीगरी इसे बेहद आकर्षक बनाती है।
नक्काशीदार तलवार
इसके अलावा, जयललिता की संपत्तियों में भारी मात्रा में गहनों की सूची तैयार की गई, जिसमें खूबसूरत आभूषणों की लंबी श्रृंखला शामिल थी। इन गहनों की गिनती और जांच भी की गई। वहीं, एक नक्काशीदार तलवार भी संपत्तियों में शामिल थी, जिसे ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मामले के याचिकाकर्ता नरसिम्हा मूर्ति ने बताया कि अब तक तमिलनाडु सरकार को केवल गहने और दस्तावेज सौंपे गए हैं। बाकी 27 सामान अभी भी 1996 से जयललिता के सचिव भास्करण के पास हैं।
तमिलनाडु सरकार ने जयललिता की संपत्तियों समेत हजारों एकड़ जमीन कब्जे में ली






