जयपुर। माता-पिता ने अपने तीन बेटों के साथ मिलकर अपने ही बेटे की हत्या कर दी। अब इस मामले में कोर्ट ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पिता नवाब खां, मां जैतुन उर्फ अलमदी और मृतक के तीन भाई अमजद, सद्दाम और असफाक को यह सजा दी गई है। साथ ही, पीठासीन अधिकारी बालकृष्ण कटारा ने सभी दोषियों पर कुल 2 लाख 81 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र सिंह ने अदालत को बताया कि इस घटना को लेकर मृतक के चाचा सलीम खान ने 19 अक्टूबर 2022 को वैशाली नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उनका और नवाब खान का संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। घटना से एक दिन पहले, जब सलीम खान अपने जीजा के साथ किसी काम से अजमेर गए थे, तब अभियुक्तों ने मिलकर उनके भतीजे समीर की पत्नी से मारपीट की और मकान खाली नहीं करने पर समीर को जान से मारने की धमकी दी।
बाद में, जब समीर घर लौटा, तो सभी अभियुक्तों ने उस पर डंडों से हमला किया और उसका सिर फोड़ दिया। बीच-बचाव करने आए अन्य परिजनों से भी मारपीट की गई। अगले दिन, 19 अक्टूबर की सुबह, अभियुक्तों ने फिर से समीर की पत्नी से मारपीट शुरू कर दी। जब समीर और उसके परिवार के लोग बीच-बचाव करने आए, तो अभियुक्तों ने समीर पर छुरी और डंडे से हमला कर दिया। इस हमले में समीर और अन्य घायलों को एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां समीर की मौत हो गई।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करते हुए सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया और अदालत में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान, समीर की विधवा ने अदालत में गवाही दी कि संपत्ति विवाद के कारण परिवार में रोजाना झगड़े होते थे और घटना वाले दिन भी अभियुक्तों ने मारपीट कर समीर की हत्या कर दी। अब कोर्ट ने इस मामले में सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
संपत्ति विवाद को लेकर तीन बेटों के साथ मिलकर की अपने ही बेटे की निर्मम हत्या, कोर्ट ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई






