प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी की सौगात दी है। इस फैसले से लगभग 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा।
मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की दर में 2 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब महंगाई भत्ता 2% बढ़कर 55% हो जाएगा, जो 1 जनवरी 2025 से लागू होगा। इससे करीब 1 करोड़ से ज़्यादा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा पहुंचेगा। सरकार समय-समय पर मुद्रास्फीति के रुझान और मूल्य सूचकांक के आधार पर डीए और डीआर दरों में संशोधन करती है ताकि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आय का वास्तविक मूल्य बनाए रखा जा सके।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा लाभ
सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद बताया कि इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दर 53 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत हो जाएगी। इस निर्णय से 48.66 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 66.55 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। संशोधित डीए और डीआर को आगामी वेतन और पेंशन संवितरण में शामिल किया जाएगा, जिसका बकाया 1 जनवरी 2025 से देय होगा। सेवारत सरकारी कर्मचारियों को डीए मिलता है, जबकि पेंशनभोगियों को डीआर प्रदान किया जाता है।
केंद्रीय खजाने पर पड़ेगा 6614 करोड़ का अतिरिक्त बोझ
इस बढ़ोतरी से केंद्रीय खजाने पर सालाना 6614 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। महंगाई भत्ते की नई दरें 1 जनवरी 2025 से लागू होंगी। सरकार ने कहा कि यह वृद्धि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार की गई है और डीए और डीआर संशोधन के लिए स्थापित फॉर्मूले के तहत तय की गई है।




