छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में प्रतीक बस्तर पंडुम 2025 का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम, जो छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराओं, लोक कला और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है, उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष से बस्तर पंडुम को एक राष्ट्रीय महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
गृह मंत्री ने यह भी घोषणा की कि जो गांव नक्सलियों के आत्मसमर्पण में सहयोग करेंगे, उन्हें “नक्सली मुक्त गांव” घोषित किया जाएगा और प्रत्येक गांव को विकास के लिए 1 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। उन्होंने ग्राम सभाओं से अपील की कि वे आत्मसमर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अब तेंदूपत्ता की खरीद सरकार द्वारा सीधे 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है और इसका भुगतान सीधे आदिवासियों के बैंक खातों में किया जा रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और लाल आतंक से जुड़े लोगों का प्रभाव भी समाप्त होगा।
नक्सल मुक्त गांव को दी जाएगी 1 करोड़ रुपए की विकास निधि- अमित शाह






