रेलवे में 32 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में ठेकेदार से सांठगांठ के आरोप में रेलवे के चीफ इंजीनियर को गिरफ्तार किया गया है। यह मामला उस कंपनी से जुड़ा है जिसे रेलवे के कई बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स के ठेके दिए गए थे और हाल के वर्षों में करोड़ों रुपये के कार्य आवंटित किए गए हैं। अब सीबीआई इन सभी ठेकों की गहन जांच कर रही है।
ठेका दिलाने के बदले 32 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में रेलवे के चीफ इंजीनियर की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने रांची, बिलासपुर और दिल्ली में स्थित उनके ठिकानों पर छापेमारी की। छापों के दौरान लाखों रुपये नकद और कई किलो सोना बरामद हुआ, जो आय से अधिक संपत्ति के दायरे में आता है।
सीबीआई अब आरोपी अधिकारी विशाल आनंद की पूरी संपत्ति और पृष्ठभूमि की जांच में जुटी हुई है। जांच में सामने आया है कि रांची में उनके नाम से ज्वेलरी शॉप, डायमंड और रेडीमेड कपड़ों का शोरूम, फ्लैट्स और एक कॉम्प्लेक्स हैं। उनके नाम पर बेगूसराय में एक फैक्ट्री भी पंजीकृत है।
विशाल आनंद, जो लंबे समय से रेलवे विभाग में कार्यरत रहे हैं, रांची डिवीजन में सीनियर डीईएन (को-ऑर्डिनेशन) के पद पर भी रह चुके हैं और फिलहाल उनका तबादला बिलासपुर हुआ था। उन पर पहले भी कई बार अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं, जिनकी भी अब सीबीआई जांच कर रही है।
सीबीआई की टीम रेलवे चीफ इंजीनियर विशाल आनंद और उनके रिश्तेदारों की संपत्तियों का ब्यौरा जुटा रही है। साथ ही, झाझरिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के पुराने ठेकों में संभावित गड़बड़ियों की भी जांच की जा रही है। इस कंपनी के कार्यालय पर भी छापा मारा गया, जहां से रेलवे प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं। रेलवे से मिले कई बड़े निर्माण कार्यों के ठेकों में अनियमितताओं को लेकर अब सीबीआई व्यापक स्तर पर जांच कर रही है।
ठेकेदार से 32 लाख रुपए रिश्वत मामले में रेलवे का चीफ इंजीनियर गिरफ्तार






