छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में लालखदान के पास बड़ा रेल हादसा हो गया। हावड़ा रूट पर चल रही एक पैसेंजर ट्रेन और मालगाड़ी के बीच आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर हुई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पैसेंजर ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और यात्रियों में दहशत फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि 12 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
रेलवे प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू टीम और मेडिकल यूनिट को घटनास्थल पर भेज दिया। स्थानीय प्रशासन भी राहत और बचाव कार्य में जुट गया है। हादसे के चलते इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से बाधित हो गया है। कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि कुछ को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने प्रभावित यात्रियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए मुआवजे की घोषणा की है—मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 5 लाख रुपये और सामान्य रूप से घायल यात्रियों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। दुर्घटना में घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तीव्र थी कि पैसेंजर ट्रेन के कोच मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गए। मौके पर यात्रियों की चीख-पुकार से पूरा माहौल दहला गया। सूचना मिलते ही आसपास के लोग, रेलवे और जिला प्रशासन की टीमें राहत कार्य में लग गईं। रेल प्रशासन ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी आवश्यक राहत व सहायता कार्य किए जा रहे हैं।
यात्रियों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
बिलासपुर – 7777857335, 7869953330
चांपा – 8085956528
रायगढ़ – 9752485600
पेंड्रा रोड – 8294730162
कोरबा – 7869953330
उसलापुर – 7777857338
इस हादसे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विश्वनाथ साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के पास हुई ट्रेन दुर्घटना अत्यंत दुखद है। जिला कलेक्टर से जानकारी लेकर सभी आवश्यक सहायता और राहत कार्यों के निर्देश दे दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों के उपचार के लिए सभी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रेलवे और प्रशासन की टीमें पूरी तत्परता से राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।






