बरनाला जिले के गांव हरदासपुरा में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक को पुलिस की मौजूदगी में ही भीड़ ने बेरहमी से तलवारों से काट डाला। पूरी घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पीड़ित युवक पुलिस की गाड़ी में छिपकर जान बचाने की कोशिश करता है, लेकिन हमलावर उसे गाड़ी से खींचकर लहूलुहान कर देते हैं। घटना थाना महलकलां के अंतर्गत आने वाले गांव हरदासपुरा की है। पीड़ित युवक सतपाल सिंह, जो कि अमृतधारी सिख बताया जा रहा है, को गांववासियों ने पुलिस की गाड़ी में से बाहर खींचा और उस पर तलवारों और अन्य धारदार हथियारों से हमला किया। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी पूरी घटना के दौरान मूकदर्शक बने रहे।
पत्नी की गुहार भी बेअसर
घटना के वक्त सतपाल सिंह की पत्नी वहां मौजूद थी, जो बार-बार हाथ जोड़कर लोगों से पति को छोड़ देने की गुहार लगाती रही। उसने अपने शरीर से पति को ढककर हमलावरों से बचाने की भी कोशिश की, लेकिन हमलावर नहीं रुके और एक के बाद एक कई वार करते रहे। अंततः पुलिस ने हस्तक्षेप कर भीड़ को तितर-बितर किया और गंभीर रूप से घायल सतपाल को इलाज के लिए बठिंडा के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
पुरानी रंजिश बनी वजह
पुलिस के अनुसार, यह हमला एक पुराने आपसी विवाद का नतीजा है। 27 मई को सतपाल सिंह पर आरोप था कि उसने गांव के गुरुद्वारा रविदास के ग्रंथी बलजीत सिंह पर किरपाण से हमला किया था। इस घटना के बाद सतपाल पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। शुक्रवार सुबह सुखदेव सिंह के परिवार को जानकारी मिली कि सतपाल अपने घर में छिपा है। इसके बाद गांववासी वहां इकट्ठा हो गए। सतपाल जब खुद को छिपाने की कोशिश में पुलिस की गाड़ी में घुसा, तब भीड़ ने गाड़ी को घेरकर तोड़फोड़ की और अंततः उसे बाहर निकालकर उस पर हमला कर दिया।
आरोपियों की पहचान जारी
थाना प्रभारी कुलविंदर सिंह ने बताया कि सतपाल पर पहले से दर्ज मामले के अलावा अब उस पर हुए हमले के मामले में भी FIR नंबर 34 दर्ज की गई है। हमले में शामिल सुखदेव सिंह के बेटे और अन्य परिजनों की पहचान वीडियो फुटेज से की जा चुकी है, बाकी की तलाश जारी है। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
सवालों के घेरे में पुलिस
इस पूरी घटना ने पंजाब पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिसकर्मी घटनास्थल पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने हमलावरों को रोकने की कोशिश नहीं की। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस की निष्क्रियता साफ नजर आ रही है, जिससे लोगों में गहरा रोष व्याप्त है।






