कनाडा के कनानसकीस में आयोजित 51वें जी-7 शिखर सम्मेलन का समापन हो गया है। यह सम्मेलन 15 से 17 जून के बीच हुआ, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाग लिया। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर पीएम मोदी इस सम्मेलन में शामिल हुए और उन्होंने विश्व के कई प्रमुख नेताओं से मुलाकात की।
पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ से मुलाकात की। यह दोनों नेताओं की चुनाव के बाद पहली मुलाकात थी। सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से भी मुलाकात की। पीएम मोदी ने मैक्सिको की पहली महिला राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम को उनकी ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी और भारत-मैक्सिको संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कृषि, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य, खनिज जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर बात की।
पीएम मोदी ने जर्मनी के चांसलर मर्ज़ से आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, अनुसंधान, नवाचार और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने पर इसे और मजबूत करने का संकल्प लिया। पीएम मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से वाणिज्य, निवेश, तकनीक, ग्रीन हाइड्रोजन और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लेकर बात की। पीएम मोदी ने कनाडा के नवनियुक्त प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से पहली बार मुलाकात की और व्यापार, ऊर्जा, अंतरिक्ष, खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात की।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ हुई बैठक में द्विपक्षीय संबंध, व्यापार और निवेश बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन मित्रता को और सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
पीएम मोदी ने अपने मित्र और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी अहम चर्चा की और भारत-फ्रांस साझेदारी को मजबूत बनाए रखने का संकल्प दोहराया। पीएम मोदी और मेलोनी की बैठक में भारत-इटली के बीच दोस्ताना संबंधों को और गहरा करने की बात हुई। जापानी प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने और साझा हितों पर आगे की दिशा में काम करने पर सहमति बनी।
पीएम मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष से भी बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला से भी कई अहम विषयों पर चर्चा की। पीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के साथ मिलकर वैश्विक दक्षिण की चिंताओं को प्रमुखता से उठाने पर सहमति जताई।
जी-7 सम्मेलन के बाद पीएम मोदी क्रोएशिया की यात्रा पर रवाना हो गए हैं, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा है।
जी-7 शिखर सम्मेलन में मोदी ने की वैश्विक नेताओं से मुलाकात, प्रमुख मुद्दों पर चर्चा






