केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा; सरकार ने तीन भत्तों में 25% की बढ़ोतरी की

केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को तीन बड़ी खुशखबरी दी हैं। उनके तीन तरह के भत्तों में 25 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की गई है। यह फैसला वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के आधार पर लिया गया है। दरअसल, महंगाई भत्ता (डीए) 50% की सीमा पार कर गया है, जिससे ये बढ़ोतरी अपने-आप लागू हो गई। अच्छी बात यह है कि यह वृद्धि 1 जनवरी 2024 से मानी जाएगी। यानी कर्मचारियों को डेढ़ साल का एरियर भी मिलेगा।
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) ने 2 जुलाई 2025 को आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि इसके लिए कोई नई अधिसूचना निकालने की आवश्यकता नहीं है। सभी मंत्रालयों और विभागों को Tough Location Allowance की संशोधित दरें लागू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। यह बढ़ोतरी खासकर उन कर्मचारियों के लिए है जो दूरदराज, कठिन और प्रतिकूल परिस्थितियों वाले इलाकों में काम कर रहे हैं। Tough Location Allowance में यह इजाफा डीए बढ़ने की वजह से हुआ है।

तीन तरह के Tough Location Allowance में वृद्धि
नई अधिसूचना के अनुसार, Tough Location Allowance-I, II और III में 25% की बढ़ोतरी कर दी गई है। यह भत्ता उन कर्मचारियों को मिलता है जो दुर्गम, आदिवासी और प्रतिकूल जलवायु वाले क्षेत्रों में तैनात हैं।

Tough Location Allowance-I
• पुरानी दर:
o पे-लेवल 9 और ऊपर – ₹5300
o पे-लेवल 8 और नीचे – ₹4100
• नई दर (25% वृद्धि के बाद):
o क्रमशः ₹6625 और ₹5125

Tough Location Allowance-II
• पुरानी दर:
o पे-लेवल 9 और ऊपर – ₹3400
o पे-लेवल 8 और नीचे – ₹2700
• नई दर:
o क्रमशः ₹4250 और ₹3375

Tough Location Allowance-III
(जिसमें Bad Climate Allowance, Tribal Area Allowance और Sundarban Allowance शामिल हैं)
• पुरानी दर:
o पे-लेवल 9 और ऊपर – ₹1200
o पे-लेवल 8 और नीचे – ₹1000
• नई दर:
o क्रमशः ₹1500 और ₹1250

डीए बढ़ने से भत्तों में इजाफा अपने-आप लागू
वित्त मंत्रालय ने 19 जुलाई 2017 को आदेश जारी किया था कि जब भी महंगाई भत्ता 50% तक पहुंचता है, उससे जुड़े भत्तों में 25% की बढ़ोतरी स्वतः मान्य हो जाती है। इसी कारण इस बार Tough Location Allowance बढ़ाने के लिए कोई नया आदेश निकालने की जरूरत नहीं पड़ी।

सरकार यह अलाउंस क्यों देती है?
भारत सरकार के हजारों कर्मचारी जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पूर्वोत्तर राज्यों, अंडमान-निकोबार, लाहौल-स्पीति, सुंदरबन और अन्य दुर्गम इलाकों में तैनात हैं। सभी को इस बढ़ोतरी का सीधा लाभ मिलेगा। इससे कर्मचारियों की सैलरी हर महीने करीब ₹250 से ₹1325 तक बढ़ेगी। साल भर में यह बढ़ोतरी ₹3000 से ₹15,900 तक का फर्क डालेगी। Tough Location Allowance का उद्देश्य दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन देना है। यह सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत सभी क्षेत्रों तक प्रशासनिक सेवाएं पहुंचाने के लिए कर्मचारियों को प्रेरित किया जाता है। यह भत्ता कर्मचारियों को केवल आर्थिक लाभ नहीं देता बल्कि सेवा भावना भी मजबूत करता है।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading