ट्रंप ने इराक और अल्जीरिया सहित सात और देशों पर 30% तक टैरिफ लगाया

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। इसी बीच बुधवार को ट्रंप प्रशासन ने जिन देशों को टैरिफ संबंधी पत्र भेजे हैं, उनमें भारत शामिल नहीं है। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि दोनों देश फिलहाल व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक अमेरिका ने करीब 21 देशों को टैरिफ के बारे में सूचित करने वाले पत्र जारी कर दिए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अल्जीरिया, ब्रुनेई, इराक, लीबिया, मोल्दोवा, श्रीलंका और फिलीपींस को टैरिफ लगाने को लेकर पत्र भेजे। इनमें अल्जीरिया, इराक, लीबिया और श्रीलंका पर 30-30 फीसदी, ब्रुनेई और मोल्दोवा पर 25 फीसदी और फिलीपींस पर 20 फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा ट्रंप ने ब्राजील पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा भी की। इससे पहले सोमवार को भी कई देशों को टैरिफ के पत्र भेजे गए थे। ये सभी शुल्क 1 अगस्त से लागू होंगे।
इन टैरिफ के अलावा राष्ट्रपति ट्रंप ने जनवरी में व्हाइट हाउस लौटने के बाद से स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल पर अलग-अलग शुल्क लगाए थे। मंगलवार को उन्होंने यह भी कहा कि तांबे और दवाओं पर भी शुल्क लगाया जाएगा।
अब तक 21 देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की जा चुकी है, जो 1 अगस्त से प्रभावी होगा। सोमवार को 14 देशों को भेजी गई पहली खेप में बांग्लादेश, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका, बोस्निया और हर्जेगोविना, कंबोडिया, कजाकिस्तान, लाओस, सर्बिया और ट्यूनीशिया जैसे देश शामिल थे। बुधवार को लीबिया, इराक, अल्जीरिया, मोल्दोवा, ब्रुनेई और फिलीपींस को भी पत्र जारी किए गए। इसके अलावा ट्रंप ने ब्रिक्स देशों पर 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने की बात भी कही थी।
गौरतलब है कि इससे पहले 2 अप्रैल को अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 26 फीसदी अतिरिक्त पारस्परिक टैरिफ लगाया था। हालांकि, इसे पहले 90 दिनों के लिए यानी 9 जुलाई तक स्थगित किया गया और अब इसे 1 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है। हालांकि 10 प्रतिशत का बेसलाइन टैरिफ अभी भी लागू है।
मंगलवार को ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि 1 अगस्त, 2025 से टैरिफ का भुगतान शुरू होगा और इस तारीख में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “जो पत्र कल भेजे गए हैं और जो आने वाले दिनों में भेजे जाएंगे, उनके अनुसार शुल्क का भुगतान 1 अगस्त, 2025 से अनिवार्य रूप से शुरू होगा। अब कोई और समयसीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। इस पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।”

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