केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को कई अहम फैसले लिए। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 12,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी गई है। रक्षाबंधन से पहले लिए गए इस निर्णय से 10.33 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को 30,000 करोड़ रुपये की एलपीजी सब्सिडी देने का भी फैसला हुआ। यह जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पीएमयूवाई को समावेशी विकास के लिए वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली है और यह योजना लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
पीएमयूवाई मई 2016 में शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य देशभर के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराना है। 1 जुलाई तक इस योजना के तहत लगभग 10.33 करोड़ कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अब वित्त वर्ष 2025-26 में लाभार्थियों को प्रति वर्ष अधिकतम 9 रिफिल (5 किलो के सिलेंडर के लिए अनुपातिक रूप से) पर 14.2 किलो के सिलेंडर के लिए 300 रुपये सब्सिडी मिलेगी, जिस पर कुल 12,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का करीब 60% आयात करता है।
अन्य प्रमुख निर्णय
- मरक्कनम-पुडुचेरी राष्ट्रीय राजमार्ग अपग्रेड – तमिलनाडु में एनएच-332ए के मरक्कनम से पुडुचेरी तक लगभग 46 किलोमीटर हिस्से को 4 लेन में अपग्रेड करने की मंजूरी दी गई। इस परियोजना पर 2,157 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे यातायात भीड़भाड़ में कमी आएगी और कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
- शिक्षा और कौशल विकास सुधार – बहु-विषयक और तकनीकी शिक्षा में अनुसंधान सुधार योजना के लिए 4,200 करोड़ रुपये के बजट समर्थन को मंजूरी मिली। इसमें इंटर्नशिप, उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम संशोधन, संकाय विकास कार्यक्रम, उन्नत अनुसंधान केंद्र, इनोवेशन हब, भाषा प्रशिक्षण और कौशल प्रयोगशालाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
- असम और त्रिपुरा के लिए विशेष विकास पैकेज – मौजूदा योजना में 4 नए घटक जोड़े गए हैं, जिन पर 4,250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाओं में सुधार होगा और महिलाओं व युवाओं के लिए आजीविका के साधन विकसित होंगे। साथ ही, यह कदम पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगा।





