जम्मू: मूसलाधार बारिश ने जम्मू में भारी तबाही मचाई है। करीब 6,000 से ज्यादा घरों में पानी भर गया, जबकि 150 से अधिक मकानों को गंभीर नुकसान पहुँचा है। हजारों घरों का इलेक्ट्रॉनिक और फर्नीचर सामान भी खराब हो गया है। राहत कार्य जारी हैं, लेकिन निचले इलाकों में स्थिति सुधरने में समय लग सकता है। भारी बारिश से कई घरों में पानी और मलबा भर गया। जिला प्रशासन की टीमें घर-घर जाकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट पूरी होने के बाद प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। कई घरों में दरारें पड़ गईं हैं, कुछ की दीवारें गिर गई हैं और गरीब परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। पानी भरने से फ्रिज, टीवी, मोबाइल, लैपटॉप, वाशिंग मशीन और इंडक्शन जैसे उपकरण खराब हो गए। लोग मरम्मत के लिए दुकानों पर पहुँचे हैं। वहीं, पानी में भीगने से घरों का फर्नीचर भी टूट-फूट गया है। कई जगह बेड और अलमारियों की हालत खराब हो चुकी है। सड़कों पर खड़े वाहन पानी और मलबे में फँस गए। लगभग 200 गाड़ियाँ तकनीकी खराबी से जूझ रही हैं और 50 से ज्यादा वाहन पेड़ गिरने और मलबा आने से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
प्रशासन की तैयारी पर सवाल:
लोगों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। नालों और नालियों की सफाई व गहराई की जरूरत बताई गई है। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के बावजूद हालात नहीं सुधरे। करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। प्रशासन का कहना है कि राहत और बहाली के काम शुरू कर दिए गए हैं। कई इलाकों में स्थिति संभाली जा चुकी है और शेष स्थानों पर भी कार्य जारी है।






