तमिलनाडु सरकार ने मुस्लिम छात्रों के लिए विदेश में उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करते हुए बड़ा ऐलान किया है। अब हर साल 10 छात्रों को 36 लाख रुपये तक की विदेशी छात्रवृत्ति दी जाएगी। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सरकार का यह कदम मुस्लिम समुदाय में सकारात्मक संदेश देगा और इसे राजनीतिक तौर पर ‘मास्टर स्ट्रोक’ भी माना जा रहा है। केंद्र की ‘पढ़ो परदेश’ योजना के बंद हो जाने के बाद यह फैसला छात्रों के लिए बड़ी राहत है।
राज्य सरकार की इस नई पहल के तहत मुस्लिम छात्र विदेश में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (पोस्ट ग्रेजुएट) कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें सरकार की ओर से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। दरअसल, तमिलनाडु सरकार ने मुस्लिम छात्रों को विदेश में पीजी पढ़ाई के लिए एक नई विदेशी छात्रवृत्ति योजना को मंजूरी दी है।
ध्यान रहे कि 2026 में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की सरकार सत्ता में वापसी सुनिश्चित करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। इसी क्रम में मुस्लिम छात्रों को विदेश में पीजी करने के लिए छात्रवृत्ति देने का यह फैसला चुनावी दृष्टि से भी ‘मास्टर स्ट्रोक’ साबित हो सकता है।
तमिलनाडु सरकार ने मुस्लिम छात्रों के लिए की बड़ी घोषणा, हर साल 10 छात्रों को मिलेगी 36 लाख रुपये तक की विदेशी छात्रवृत्ति






