• अमित खरे की पत्नी निधि खरे भी झारखंड कैडर की 1992 बैच की आईएएस हैं।
• बतौर जिलाधिकारी चारा घोटाले की जांच में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पर करा चुके हैं एफआईआर
• अमित खरे दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक हैं और आईआईएम अहमदाबाद से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातकोत्तर हैं।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी अमित खरे को नए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति कार्यभार संभालने की तारीख से अगले तीन वर्षों तक रहेगी। फिलहाल अमित खरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। वे 12 अक्टूबर 2021 से प्रधानमंत्री कार्यालय में सामाजिक क्षेत्र से जुड़े मामलों को देख रहे हैं। इसके अलावा, वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को तैयार करने और लागू कराने वाली कोर टीम के भी सदस्य रहे हैं। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 1985 बैच के झारखंड कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमित खरे की नियुक्ति पर सहमति दी है। उन्हें अनुबंध के आधार पर सचिव पद और उसके वेतनमान पर नियुक्त किया गया है।
कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य
अमित खरे ने अपने सेवा कार्यकाल में केंद्र और राज्य सरकारों में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वे 31 मई 2018 को भारत सरकार में सूचना एवं प्रसारण सचिव बने। इसके बाद उन्होंने स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता सचिव और उच्च शिक्षा सचिव के रूप में भी सेवाएं दीं।
1990 के दशक में झारखंड के चाईबासा में बतौर जिलाधिकारी कार्य करते हुए उन्होंने चारा घोटाले का खुलासा किया था। उनकी लिखाई हुई एफआईआर पर ही इस मामले की जांच शुरू हुई, जिसमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा समेत कई बड़े नेता और अधिकारी दोषी पाए गए। हाल ही में तक लालू प्रसाद यादव इस घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची जेल में सजा काट रहे थे। नई शिक्षा नीति 2020 के निर्माण और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में रहते हुए डिजिटल मीडिया नियमों में बदलाव में भी खरे ने अहम योगदान दिया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और परिवार
अमित खरे ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक और आईआईएम अहमदाबाद से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। उनकी पत्नी निधि खरे भी 1992 बैच की झारखंड कैडर की आईएएस अधिकारी हैं।






