
यूआईडीएआई ने नया ‘आधार ऐप’ लॉन्च कर दिया है, जिसकी मदद से अब 140 करोड़ भारतीय अपने मोबाइल फोन पर ही आधार से जुड़ी सभी सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। यूआईडीएआई ने अपने आधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल पर इस ऐप की लॉन्चिंग की जानकारी साझा की है। अब हर यूजर अपने आधार कार्ड को फोन में डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकेगा, उसे शेयर कर पाएगा और वेरिफाई भी कर सकेगा। यह ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। आइए जानते हैं इसके फीचर्स और सेटअप प्रक्रिया के बारे में।
नया ‘आधार ऐप’ क्यों लाया गया?
यूआईडीएआई का उद्देश्य आधार सेवाओं को और आसान व सुरक्षित बनाना है। पहले लोगों को हर जगह पहचान दिखाने के लिए आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी साथ रखनी पड़ती थी, लेकिन नए ऐप के आने से यह परेशानी खत्म हो जाएगी। इस ऐप के जरिए यूजर्स क्यूआर कोड या फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से अपनी पहचान डिजिटल तरीके से सत्यापित कर सकेंगे। यानी अब किसी ऑफिस, बैंक या सरकारी विभाग में वेरिफिकेशन के लिए कार्ड ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
ऐप को सेट करने का तरीका
- गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर पर जाकर ‘आधार ऐप’ डाउनलोड करें।
- ऐप खोलकर आवश्यक परमिशन की अनुमति दें।
- अपना आधार नंबर दर्ज करें और नियम व शर्तें स्वीकार करें।
- आपके मोबाइल पर ओटीपी आएगा, उसे दर्ज करें।
- इसके बाद फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें और एक सिक्योरिटी पिन सेट करें।
- इतना करने के बाद आपका आधार ऐप उपयोग के लिए तैयार हो जाएगा।
आधार ऐप की प्रमुख विशेषताएँ
- डिजिटल आधार शेयरिंग: क्यूआर कोड के माध्यम से आधार साझा किया जा सकता है, जिससे फिजिकल कार्ड की जरूरत नहीं पड़ती।
- कस्टम डेटा शेयरिंग: यूजर खुद यह तय कर सकता है कि सामने वाले को आधार की कौन-सी जानकारी दिखानी है।
- बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक: अपनी बायोमेट्रिक जानकारी को ऐप से ही लॉक व अनलॉक कर सकते हैं।
- यूसेज हिस्ट्री: आधार कब और कहां उपयोग हुआ, इसकी पूरी जानकारी ऐप में मिल जाएगी।
- फैमिली आधार मैनेजमेंट: एक ही ऐप में परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड सेव रखे जा सकते हैं।
यह ऐप क्यों खास है?
नया आधार ऐप सिर्फ एक डिजिटल पहचान माध्यम नहीं, बल्कि सुरक्षा का उन्नत समाधान भी है। इसमें फेस रिकग्निशन और क्यूआर-बेस्ड ऑथेंटिकेशन जैसी हाई-टेक सिक्योरिटी सुविधाएँ दी गई हैं, जिससे डेटा पर पूरा नियंत्रण यूजर के हाथ में रहता है।





