‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ आज सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती

एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में विशेष समारोहों का आयोजन किया गया है, जिनमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, प्रदर्शनियाँ और विविध कार्यक्रम शामिल हैं। देशभर से लोग इस ऐतिहासिक अवसर पर एकता नगर पहुँचकर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। पूरे एकता नगर को विशेष रूप से सजाया गया है।
31 अक्टूबर (शुक्रवार) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार और गुजरात सरकार के संयुक्त तत्वावधान में एकता नगर में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ मनाया जा रहा है। इसी उत्सव के साथ 1 से 15 नवंबर 2025 तक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में ‘भारत पर्व 2025’ का आयोजन भी किया गया है। इस दौरान देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, कला और देशभक्ति की भावना को प्रदर्शित करने वाले अनेक कार्यक्रम होंगे, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त रूप में सामने लाएँगे।
ध्यान देने योग्य है कि ‘भारत पर्व’ पहली बार दिल्ली से बाहर गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में आयोजित हो रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य देश की विविधता में निहित एकता का संदेश देना है।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, गुजरात पर्यटन विभाग तथा युवा सेवा और सांस्कृतिक गतिविधि विभाग के सहयोग से यह पर्व भव्य रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान देशभर से कलाकार, शिल्पकार, सरकारी प्रतिनिधि और विशेष अतिथि सम्मिलित होंगे।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ

1–15 नवंबर 2025 : भारत पर्व 2025
भारत पर्व हर वर्ष आयोजित होने वाला एक प्रमुख सांस्कृतिक उत्सव है, जो भारत की समृद्ध विरासत, खानपान, कला-कौशल और राष्ट्रीय एकता को उजागर करता है। इस वर्ष यह आयोजन सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में एक भव्य रूप में किया जा रहा है।

प्रमुख आकर्षण
प्रतिदिन शाम को डैम व्यू पॉइंट-1, वैली ऑफ फ्लॉवर्स के समीप बने मंच पर दो राज्यों की जोड़ी द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी, जिनमें उन राज्यों की विशिष्ट परंपराएँ और कला शैलियाँ प्रदर्शित होंगी।

15 नवंबर: भगवान बिरसा मुंडा जयंती के उपलक्ष्य में विशेष प्रस्तुति आयोजित की जाएगी।

जंगल सफारी क्षेत्र में 45 फूड स्टॉल और एक लाइव स्टूडियो किचन की व्यवस्था होगी, जहाँ विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन प्रस्तुत किए जाएँगे।

उसी क्षेत्र में 55 हस्तकला स्टॉल लगाए जाएँगे, जहाँ देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक एवं आधुनिक हस्तकला प्रदर्शित की जाएगी।

‘भारत दर्शन पैवेलियन’ में राज्यों के विशेष मंडप स्थापित किए जाएँगे, जिनमें उनके प्रमुख पर्यटन स्थल और सांस्कृतिक धरोहरें दिखाई जाएँगी।

16–17 नवंबर साइक्लोथॉन: उत्सव के समापन पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में साइक्लोथॉन आयोजित की जाएगी।

16 नवंबर: साइक्लिंग फन राइड।

17 नवंबर: साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और गुजरात खेल विभाग के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता होगी, जिसमें लगभग 5,000 साइकिल सवार भाग लेंगे।

विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक दिवस

1 नवंबर: गुजरात

2 नवंबर: तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख

3 नवंबर: पंजाब, आंध्र प्रदेश

4 नवंबर: हिमाचल प्रदेश, केरल

5 नवंबर: उत्तराखंड, कर्नाटक

6 नवंबर: हरियाणा, तेलंगाना

7 नवंबर: राजस्थान, असम

8 नवंबर: महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल

9 नवंबर: गोवा, झारखंड

10 नवंबर: दिल्ली, सिक्किम, छत्तीसगढ़

11 नवंबर: मध्य प्रदेश, मणिपुर, नगालैंड

12 नवंबर: उत्तर प्रदेश, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश

13 नवंबर: बिहार, त्रिपुरा, मिजोरम

14 नवंबर: चंडीगढ़, पुड्डुचेरी, दमण, दीव, दादरा नगर हवेली, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

यह भव्य आयोजन न केवल सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को स्मरण करने का अवसर है, बल्कि भारत की विविधता, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक भी बनेगा।

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