बिहार की राजनीति में आज लगातार बैठकों का दौर जारी रहा। मुख्यमंत्री आवास पर जदयू की बैठक आयोजित हुई, जिसमें नीतीश कुमार को एक बार फिर जदयू विधायक दल का नेता चुना गया। इसी तरह भाजपा विधायकों ने सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उपनेता के रूप में चयनित किया।
जदयू के नवनिर्वाचित विधायकों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार पर अपना भरोसा दोहराते हुए उन्हें पुनः अपना नेता चुना। बुधवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास में जदयू विधायक दल की बैठक हुई और साढ़े 11 बजे तक सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नेता घोषित कर दिया गया। वरिष्ठ जदयू नेता श्याम रजक ने बताया कि बिहार की जनता नीतीश कुमार के नेतृत्व को लेकर उत्साहित है और पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए वही पहली और अंतिम पसंद हैं। नई सरकार में मंत्रियों की भूमिका पर उन्होंने कहा कि इसका निर्णय स्वयं नीतीश कुमार लेंगे। बैठक से पहले जदयू विधायक मनोरमा देवी ने भी कहा कि यह बिहार के लिए शुभ दिन है और नीतीश कुमार सभी के कल्याण हेतु कार्य करेंगे। उधर भाजपा के विधायकों की बैठक पार्टी मुख्यालय में जारी है। बैठक में सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया, जिससे उनके डिप्टी सीएम बनने का रास्ता खुल गया है। वहीं विजय सिन्हा को उपनेता बनाया गया है, जो संभवतः दूसरे डिप्टी सीएम बन सकते हैं। हालांकि दूसरे डिप्टी सीएम पद पर अभी मंथन जारी है। भाजपा दोनों डिप्टी सीएम पद अपने पास रखने की इच्छुक है, जबकि 19 सीटें जीतने वाली चिराग पासवान की पार्टी एक डिप्टी सीएम और तीन मंत्री पद की मांग कर रही है। इस मुद्दे पर भी वार्ता चल रही है।
दोपहर 3.30 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए की संयुक्त बैठक रखी गई है, जिसमें भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और लोजपा के सभी नवनिर्वाचित विधायक शामिल होंगे। इसके अलावा नीतीश कुमार, चिराग पासवान, संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी बैठक में मौजूद रहेंगे। इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह के भी थोड़ी देर में पटना पहुंचने की संभावना है, जहाँ वे भाजपा की बैठक में हिस्सा लेंगे।






