
दक्षिण रेलवे 1 जनवरी 2026 से स्लीपर कोच यात्रियों को नाममात्र शुल्क पर बेडशीट और तकिया देने की सुविधा शुरू करने जा रहा है। यह सेवा शुरुआत में 10 एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू की जाएगी।
यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भारतीय रेलवे लगातार नए कदम उठा रहा है। इसी क्रम में दक्षिण रेलवे ने गैर-वातानुकूलित (नॉन-एसी) स्लीपर कोचों में भी बेडशीट, तकिया और तकिए का कवर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। पहले यह सुविधा केवल एसी कोच तक सीमित थी, लेकिन अब लाखों नॉन-एसी यात्रियों को भी लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अधिक आराम मिल सकेगा, विशेषकर मानसून और सर्दियों में।
क्या होंगी कीमतें
- पूरा सेट (बेडशीट + तकिया + कवर) → ₹50
- केवल बेडशीट → ₹20
- तकिया + कवर → ₹30
सेवा कब और किन ट्रेनों में शुरू होगी
यह सुविधा 1 जनवरी 2026 से शुरू होगी और पहले चरण में दक्षिण रेलवे की 10 प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू होगी-
- चेन्नई–मेट्टुपालयम नीलगिरि सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- चेन्नई–मंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- चेन्नई इग्मोर–मन्नारगुड़ी एक्सप्रेस
- चेन्नई इग्मोर–तिरुचेंदूर सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- चेन्नई–पालक्काड एक्सप्रेस
- चेन्नई इग्मोर–शेंगोट्टाई सिलंबु सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- तांबरम–नागरकोइल सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- चेन्नई–तिरुवनंतपुरम सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- चेन्नई–आलेप्पी सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- चेन्नई इग्मोर–मंगलुरु एक्सप्रेस
पायलट प्रोजेक्ट को मिला उत्कृष्ट प्रतिसाद
यह योजना रेलवे की 2023–24 की “न्यू इनोवेटिव नॉन-फेयर रेवेन्यू आइडियाज स्कीम” के तहत शुरू की गई थी। पायलट प्रोजेक्ट को यात्रियों से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जिसके बाद इसे स्थायी रूप से लागू करने का फैसला किया गया। बेडरॉल की खरीद, धुलाई, पैकिंग, लोडिंग, वितरण और भंडारण का पूरा काम ठेके पर किया जाएगा, जिससे गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके।
रेलवे को भी होगा लाभ
इस सेवा से चेन्नई डिवीजन को अगले तीन वर्षों में लगभग 28.27 लाख रुपये की अतिरिक्त आय होने की संभावना है। यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और रेलवे की कमाई में इजाफा करने वाली इस पहल को सोशल मीडिया पर भी खूब सराहा जा रहा है। कई लोगों ने इसे “छोटा कदम, बड़ा आराम” करार दिया है।




