लिथियम बैटरी और टीवी सहित इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद होंगे सस्ते। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहन भी किफायती होंगे। मोबाइल से लेकर टीवी तक की कीमतें घटेंगी। भारत में निर्मित सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद सस्ते होंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लगातार आठवीं बार बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने बताया कि ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को बेहतर और विस्तारित किया जाएगा। देश के सभी सरकारी स्कूलों में ब्रॉडबैंड कनेक्शन प्रदान किया जाएगा।
इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद होंगे सस्ते
बजट 2025 में विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स जैसे कि पार्ट्स, कैमरा मॉड्यूल, कनेक्टर, वायर्ड हेडसेट के कच्चे माल, माइक्रोफोन और रिसीवर, यूएसबी केबल, फिंगरप्रिंट रीडर और मोबाइल फोन सेंसर पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को हटा दिया गया है। पहले इन पर 2.5% कस्टम ड्यूटी लगती थी। इससे स्मार्टफोन्स की कीमतों में कमी आ सकती है। इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 20% कर दी गई है, लेकिन एलसीडी और एलईडी टीवी के ओपन सेल्स और कंपोनेंट्स से ड्यूटी हटा ली गई है। इसका अर्थ यह है कि प्रीमियम टीवी महंगे होंगे, लेकिन एलसीडी और एलईडी टीवी सस्ते होंगे। लिथियम बैटरी, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों में गिरावट आएगी। इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत में भी कमी आएगी। यह खबर भारतीय उद्योग और बैटरी निर्माण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा है। सरकार ने कोबाल्ट पाउडर, लिथियम-आयन बैटरी के स्क्रैप, लेड, जिंक और अन्य 12 महत्वपूर्ण खनिजों को बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) से छूट देने का निर्णय लिया है।
इस छूट के प्रभाव
• इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग को बढ़ावा: बैटरियों के लिए आवश्यक खनिज सस्ते होने से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्माण की लागत घटेगी।
• मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन: घरेलू बैटरी निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी।
• नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को लाभ: लिथियम-आयन बैटरियों का उपयोग ऊर्जा भंडारण में भी किया जाता है, जिससे अक्षय ऊर्जा को समर्थन मिलेगा।
• इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग उद्योग को सहायता: इन खनिजों की लागत में कमी से इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य विनिर्माण उद्योगों को भी लाभ होगा।




