अक्सर वायरस का नाम सुनते ही लोगों के मन में कोरोना जैसी महामारी का डर उभर आता है, लेकिन सच यह है कि कोरोना के अलावा भी कई ऐसे खतरनाक वायरस हैं जो लगातार फैल रहे हैं। हेपेटाइटिस A भी उन्हीं में से एक है, जो कम खतरनाक नहीं है और अपने अलग रूप में गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केरल में इस वायरस को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। यह वायरस दूषित पानी से फैलता है और इसका स्वरूप इंदौर में फैले दूषित जल संकट से भी अधिक खतरनाक माना जा रहा है।
केरल राज्य में हेपेटाइटिस A के मामलों ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक राज्य में हेपेटाइटिस A के 31,536 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 30 दिसंबर 2025 तक 82 लोगों की मौत इस संक्रमण के कारण हो चुकी है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी माने जाने वाले केरल में यदि हालात इतने चिंताजनक हैं, तो देश के अन्य राज्यों में स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
पहले हेपेटाइटिस A को बच्चों में अधिक देखा जाता था, लेकिन वर्तमान में यह संक्रमण वयस्कों और बुजुर्गों में तेजी से फैल रहा है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि हेपेटाइटिस A क्या है, इसके कारण क्या हैं, इसके लक्षण कैसे पहचानें और इससे बचाव के लिए किन उपायों को अपनाया जाए। आइए विस्तार से जानते हैं कि हेपेटाइटिस A क्या होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।
हेपेटाइटिस A क्या है?
हेपेटाइटिस A एक गंभीर वायरल संक्रमण है, जो लिवर (यकृत) को प्रभावित करता है। यह संक्रमण हेपेटाइटिस A वायरस के कारण होता है। इसकी सबसे खतरनाक बात यह है कि यह वायरस दूषित पेयजल और संक्रमित भोजन के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और सीधे लिवर पर असर डालता है।
हेपेटाइटिस A के प्रमुख लक्षण
- पेशाब का रंग गहरा पीला होना
- पेट में लगातार और तेज दर्द रहना
- भूख न लगना और बार-बार मतली आना
- अचानक अत्यधिक थकान महसूस होना
- शरीर में पीलिया के लक्षण दिखाई देना
हेपेटाइटिस A संक्रमण के कारण
- पीने के पानी का दूषित होना
- कच्चा मांस या बिना अच्छी तरह धोई गई सब्जियों का सेवन
- भोजन बनाते समय साफ-सफाई का ध्यान न रखना
- संक्रमित व्यक्ति से शारीरिक संपर्क
- अस्वच्छ वातावरण में भोजन करना
हेपेटाइटिस A से बचाव के उपाय
- पीने के पानी को कम से कम 20 मिनट तक उबालकर ही उपयोग करें
- शौच के बाद और भोजन से पहले साबुन से हाथ धोने की आदत डालें
- खुले और स्ट्रीट फूड से परहेज करें
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें
- हेपेटाइटिस A वैक्सीन की दोनों डोज समय पर लगवाएं
- बच्चों को अनिवार्य रूप से हेपेटाइटिस A का टीका लगवाएं
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी दवा, उपचार या घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले संबंधित डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से अवश्य सलाह लें।






