प. बंगाल: शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला, गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर कथित हमले को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस मामले में अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी अधिकारी के कार्यालय से रिपोर्ट तलब की है। वहीं, भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने भी इस घटना को लेकर ममता सरकार पर तीखा हमला बोला है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा सांसद शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर कथित हमले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। भाजपा लगातार राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगा रही है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले में शुभेंदु अधिकारी के कार्यालय से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रविवार को भाजपा के एक नेता ने इसकी जानकारी दी। भाजपा नेता के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी का कार्यालय घटना से जुड़ी पूरी जानकारी और वीडियो फुटेज एकत्र कर रहा है, जिसे जल्द ही गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने हमले से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसे तैयार करने का काम जारी है।
इस मामले पर भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शनिवार को बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला हुआ, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के बावजूद एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। रवि शंकर प्रसाद ने इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब ममता बनर्जी आई-पैक कार्यालय गई थीं, तब उन्होंने दावा किया था कि वह मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि टीएमसी अध्यक्ष के रूप में वहां गई थीं। भाजपा सांसद ने तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री होने के बावजूद वह किस मजबूरी में एक निजी परिसर में गईं और वहां से ग्रीन फाइल लेकर बाहर निकलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय पुलिस आयुक्त और डीजीपी भी मौके पर मौजूद थे, जिससे यह साफ होता है कि पुलिस मुख्यमंत्री के अवैध और असंवैधानिक कार्यों में सहयोग कर रही है। रवि शंकर प्रसाद ने सवाल किया कि ममता बनर्जी आखिर क्या छुपा रही हैं और ऐसा क्या था जिसे छुपाने की जरूरत पड़ी।
इधर, शुभेंदु अधिकारी ने भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक रैली नहीं, बल्कि जनता की रैली है। अधिकारी ने दावा किया कि लोग ममता बनर्जी, राजीव कुमार और सीपी मनोज वर्मा को जेल भेजना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने प्रवर्तन निदेशालय पर हमला किया, कानून तोड़ा और संविधान का उल्लंघन किया। शुभेंदु अधिकारी ने सवाल उठाया कि ममता बनर्जी के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि रैली में लोग ‘फाइल चोर ममता’ के नारे लगा रहे हैं और सड़कों पर उतरकर ‘ममता हटाओ, बंगाल बचाओ’ और ‘बीजेपी लाओ, बंगाल बचाओ’ जैसे नारे दे रहे हैं। अपने ऊपर हुए कथित हमले को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह सही रास्ते पर हैं और अपना काम ईमानदारी से कर रहे हैं, इसी वजह से ममता बनर्जी, उनकी पुलिस और समर्थक उन पर जानलेवा हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह डरने वाले नहीं हैं और संघर्ष जारी रखेंगे। अधिकारी ने दावा किया कि जैसे अंग्रेजों और सीपीआई(एम) को सत्ता से बाहर किया गया, वैसे ही ममता बनर्जी को भी सत्ता से बाहर किया जाएगा।
पूरे घटनाक्रम पर नजर डालें तो शनिवार को शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया था कि पुरुलिया से लौटते समय टीएमसी समर्थकों ने उन पर बेरहमी से हमला किया। इस घटना के बाद वह चंद्रकोना पुलिस थाने में धरने पर भी बैठ गए थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा था कि टीएमसी जनता के गुस्से और अपनी कमजोर स्थिति के कारण इस तरह की गुंडागर्दी पर उतर आई है। धरने के दौरान उन्होंने तत्काल कार्रवाई, हमलावरों की गिरफ्तारी और पुलिस की जवाबदेही तय करने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने जनता से भी कानून-व्यवस्था और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने की अपील की थी।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading