
बसंत पंचमी के पावन अवसर पर विद्या, बुद्धि और कला की देवी मां सरस्वती की विधिवत पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन पूजा के दौरान कुछ खास मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन मंत्रों के नियमित जप से ज्ञान में वृद्धि होती है और परीक्षाओं में सफलता प्राप्त होती है। बसंत पंचमी का पर्व मां सरस्वती को समर्पित होता है और इसी दिन से बसंत ऋतु का आगमन भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां सरस्वती का प्राकट्य भी हुआ था। यह दिन विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। छात्र-छात्राएं इस दिन मां सरस्वती की आराधना कर शिक्षा और करियर में उन्नति की कामना करते हैं। कहा जाता है कि बसंत पंचमी के दिन श्रद्धा और विधि-विधान से मां सरस्वती की पूजा करने से साधक को विद्या, विवेक और करियर में सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पूजा के समय कुछ विशेष मंत्रों का जाप करना विशेष फलदायी माना गया है। आइए जानते हैं बसंत पंचमी के दिन किन मंत्रों का जाप किया जा सकता है।
बसंत पंचमी के प्रमुख मंत्र
सरस्वती मूल मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
ॐ सरस्वत्यै विद्महे, ब्रह्मपुत्रायै धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
नमस्ते शारदे देवी, पुस्तक धारिणी।
विद्यारंभ के लिए मंत्र
विद्यारंभं करिष्यामि, प्रसन्ना भव सर्वदा॥
ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्।
परीक्षा में सफलता के लिए मंत्र
नमस्ते शारदे देवी, काश्मीरपुर वासिनी,
त्वामहं प्रार्थये नित्यं, विद्या दानं च देहि में।
कंबू कंठी सुताम्रोष्ठी सर्वाभरणंभूषिता,
महासरस्वती देवी, जिव्हाग्रे सन्नी विश्यताम् ॥
शारदायै नमस्तुभ्यं, मम ह्रदय प्रवेशिनी,
परीक्षायां समुत्तीर्णं, सर्व विषय नाम यथा॥
सरस्वती वंदना
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥१॥
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं।
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्॥
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्।
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥२॥
बसंत पंचमी पर इस विधि से करें मां सरस्वती की पूजा
बसंत पंचमी के दिन प्रातः स्नान कर पीले रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद स्वच्छ स्थान पर चौकी रखकर उस पर लाल कपड़ा बिछाएं और मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। विद्यार्थियों को पूजा के समय अपनी पुस्तकें और कलम मां सरस्वती के चरणों में अवश्य रखनी चाहिए। इस दिन मां सरस्वती को पीले वस्त्र, पीले फूल और पीली मिठाइयों का भोग अर्पित करें। इसके बाद श्रद्धापूर्वक मां सरस्वती के मंत्रों का जाप करें और आरती करें। अंत में मां को अर्पित किया गया भोग सभी में प्रसाद के रूप में वितरित करें।






