
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच हुई बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह बातचीत फोन पर हुई थी, जिसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अलंकार अग्निहोत्री को धर्म के क्षेत्र में एक बड़ा दायित्व संभालने का प्रस्ताव दिया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि माघ मेले में अपने शिविर से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अलंकार अग्निहोत्री से बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान शंकराचार्य ने कहा कि सरकार द्वारा दिया गया पद छोड़ने के बावजूद उन्हें धर्म के क्षेत्र में उससे भी बड़ा पद देने का प्रस्ताव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर यह दुखद है कि कड़ी मेहनत से प्राप्त सरकारी पद एक झटके में छूट गया, वहीं दूसरी ओर सनातन धर्म के प्रति अलंकार अग्निहोत्री की गहन निष्ठा ने समाज को गौरवान्वित किया है। शंकराचार्य ने कहा कि ऐसे निष्ठावान और साहसी लोगों की सनातन धर्म को आवश्यकता है और वे चाहते हैं कि अलंकार अग्निहोत्री धर्म सेवा में अग्रणी भूमिका निभाएं। इस पर अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य का आभार व्यक्त करते हुए शीघ्र आशीर्वाद लेने और मिलने की बात कही।
गौरतलब है कि पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में सरकारी नीतियों, विशेष रूप से नए यूजीसी नियमों और प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद एवं उनके शिष्यों के साथ हुई कथित मारपीट को लेकर गहरा विरोध दर्ज कराया है। अपने इस्तीफा पत्र में वर्ष 2019 बैच के अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने स्वयं को उत्तर प्रदेश सिविल सेवा का राजपत्रित अधिकारी बताते हुए राज्यपाल को संबोधित किया। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने का उल्लेख किया और प्रयागराज की घटना को गंभीर व चिंताजनक बताया। पत्र में आरोप लगाया गया कि माघ मेले के दौरान स्थानीय प्रशासन द्वारा ब्राह्मणों, बटुकों और साधु-संतों के साथ अभद्रता और मारपीट की गई, जिससे उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा को ठेस पहुंची।
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उक्त घटनाक्रम से यह प्रतीत होता है कि स्थानीय प्रशासन और वर्तमान सरकार ब्राह्मण विरोधी सोच के साथ कार्य कर रही है और साधु-संतों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रकरण एक सामान्य ब्राह्मण की आत्मा को झकझोर देते हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर अलंकार अग्निहोत्री की एक तस्वीर भी वायरल हुई है, जिसमें वह पोस्टर लेकर खड़े नजर आ रहे हैं। पोस्टर पर लिखा है- “#UGC_RollBack, काला कानून वापस लो। शंकराचार्य और संतों का अपमान हिंदुस्तान नहीं सहेगा।” सोमवार शाम को अलंकार अग्निहोत्री जिलाधिकारी आवास भी पहुंचे, जहां वह करीब एक घंटे तक रुके। बाहर निकलने के बाद उन्होंने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे यह मामला और भी चर्चा में आ गया है।






