टी-20 विश्व कप; पाकिस्तान का यू टर्न; भारत के साथ मैच खेलने पर सहमति

टी20 विश्व कप को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट फिलहाल असमंजस और दबाव के दौर से गुजर रहा है। भारत और श्रीलंका में प्रस्तावित टूर्नामेंट के बहिष्कार की बातों के बावजूद अब पाकिस्तान का रुख बदलता नजर आ रहा है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, न तो पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटेगा और न ही भारत के खिलाफ मुकाबले का बहिष्कार करेगा। भारी आर्थिक नुकसान और अंतरराष्ट्रीय दबाव को देखते हुए अब टीम को श्रीलंका भेजने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। खिलाड़ियों को सकारात्मक रहने के निर्देश दिए गए हैं और यात्रा से जुड़ी औपचारिकताएं भी पूरी की जा रही हैं।

पाकिस्तान की पुरुष क्रिकेट टीम इस समय असहज स्थिति में है। खिलाड़ियों के बीच भी अनिश्चितता रही कि वे भारत और श्रीलंका में होने वाले टी20 विश्व कप में हिस्सा लेंगे या नहीं। इससे पहले बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार किया था, जिसके चलते आईसीसी ने उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। पाकिस्तान ने उस दौरान बांग्लादेश का समर्थन किया और खुद भी बहिष्कार जैसी कड़ी चेतावनियां दीं, लेकिन अब वही बयानबाजी उस पर भारी पड़ती दिख रही है। हर बार की तरह तीखे तेवर दिखाने के बाद पाकिस्तान ने अंततः वही रास्ता चुना है, जिससे वह पहले इनकार करता रहा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी अब टीम को श्रीलंका भेजने की तैयारियों में जुट गए हैं। टी20 विश्व कप की शुरुआत सात फरवरी से होनी है। टेलिकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी टीम सोमवार को कोलंबो के लिए रवाना हो सकती है। हालांकि नकवी ने टूर्नामेंट में भागीदारी पर अंतिम फैसला सुनाने के लिए शुक्रवार या दो फरवरी तक का समय मांगा है। इसके बावजूद टीम की फ्लाइट बुक हो चुकी है और उन्हें लाहौर से कोलंबो भेजने की योजना तैयार है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नकवी शुक्रवार तक अपना फैसला सार्वजनिक कर सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम भूमिका पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की रही। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि नकवी ने बहिष्कार पर चर्चा के लिए पीएम शरीफ से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश को समर्थन देने के फैसले की सराहना जरूर की, लेकिन टी20 विश्व कप का बहिष्कार न करने की साफ सलाह दी। उन्होंने आर्थिक जोखिमों और संभावित नुकसान का हवाला देते हुए इस कदम से बचने को कहा। इसके बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने फिल्म हेरा फेरी का मशहूर डायलॉग वायरल कर दिया—“पैसों का खेल बाबू भैया… पैसों का खेल।”

जरदारी और सैन्य प्रतिष्ठान से भी ली सलाह
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नकवी ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, सैन्य प्रतिष्ठान के प्रतिनिधियों, और पीसीबी के पूर्व चेयरमैन नजम सेठी व रमीज राजा से भी सलाह-मशविरा किया। सभी ने भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार न करने की राय दी। इससे पहले टी20 विश्व कप से पहले पाकिस्तान की टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी, जिसकी शुरुआत गुरुवार से लाहौर में होगी।

15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान मुकाबला तय
रिपोर्ट के अनुसार, नकवी ने खिलाड़ियों से कहा है कि वे विश्व कप में भागीदारी को लेकर सकारात्मक माहौल बनाए रखें। खैबर पख्तूनख्वा के कुछ खिलाड़ी पूरे सामान के साथ पहुंचे हैं, क्योंकि उन्हें एक महीने से अधिक समय तक देश से बाहर रहने की उम्मीद है। पाकिस्तान की टीम ग्रुप-ए में भारत, अमेरिका, नीदरलैंड और नामीबिया के साथ शामिल है। उसका पहला मुकाबला 10 फरवरी को अमेरिका से होगा, जबकि बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मैच 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाएगा।

विशिखा मीडिया

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