
अग्रिम जमानत के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया। सूत्रों के मुताबिक, याचिका दाखिल करने से पहले इस संबंध में सरकारी वकील के कार्यालय को नोटिस भी भेजा गया है। उन पर नाबालिगों के यौन उत्पीड़न सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। एफआईआर में स्वामी सरस्वती के साथ उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को भी नामजद किया गया है। आरोप है कि बीते एक वर्ष में दो बच्चों के साथ यौन शोषण की घटनाएं हुईं। शिकायतकर्ताओं में आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज समेत दो अन्य लोग शामिल हैं, जिन्होंने गुरुकुल और माघ मेले जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान उत्पीड़न का आरोप लगाया है। प्रयागराज के विशेष न्यायाधीश के आदेश पर शनिवार को यह मामला दर्ज किया गया। एफआईआर पॉक्सो अधिनियम और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज है, जिसमें दो से तीन अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बताया गया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी धार्मिक गुरु की आड़ में नाबालिगों और एक अन्य युवक का बार-बार शोषण करते थे।






