
- पृथ्वी की छाया में आने पर चंद्रमा दिखेगा सुर्ख लाल
- दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:48 बजे तक रहेगा प्रभाव
- एशिया, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में दिखेगा ‘ब्लड मून’
- ऐसा संयोग अब वर्ष 2028 के बाद बनेगा
मंगलवार को भारत सहित दुनिया के कई देशों में वर्ष का प्रमुख पूर्ण चंद्रग्रहण दिखाई देगा। यह दुर्लभ खगोलीय घटना भारतीय समयानुसार दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:48 बजे तक रहेगी। इसकी पूर्ण अवस्था 4:34 बजे से 5:33 बजे के बीच चरम पर होगी, जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में समा जाएगा।
क्यों लाल हो जाता है चंद्रमा
पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा का लालिमा लिए दिखाई देना एक वैज्ञानिक प्रक्रिया का परिणाम है। जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरता है, तो कम तरंगदैर्घ्य वाली नीली और बैंगनी रोशनी अधिक बिखर जाती है, जबकि लंबी तरंगदैर्घ्य वाली लाल और नारंगी रोशनी कम बिखरती है। यही लाल प्रकाश पृथ्वी के वातावरण से अपवर्तित होकर चंद्रमा तक पहुंचता है, जिससे वह सुर्ख दिखाई देता है। यही कारण है कि सूर्योदय और सूर्यास्त के समय भी आकाश लाल या नारंगी रंग का दिखता है।
भारत में कहां और कितना दिखेगा
देश के अधिकांश हिस्सों में यह पूर्ण चंद्रग्रहण देखा जा सकेगा, हालांकि कई क्षेत्रों में लोग इसका अंतिम चरण ही देख पाएंगे। पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में चंद्रमा अपेक्षाकृत पहले उदित होने के कारण पूर्ण अवस्था का अंतिम भाग भी स्पष्ट रूप से नजर आ सकता है। दक्षिण भारत के शहरों, जैसे चेन्नई और कन्याकुमारी, में यह दृश्य लगभग 30 से 31 मिनट तक दिखाई देने की संभावना है।
दुनिया के किन क्षेत्रों में रहेगा दृश्य
अनुमान के मुताबिक, विश्व की करीब 40 प्रतिशत आबादी इस पूर्ण चंद्रग्रहण का कम से कम एक चरण देख सकेगी। यह खगोलीय घटना एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और यूरोप के कुछ हिस्सों में विभिन्न चरणों में दिखाई देगी। खगोल विज्ञान के प्रति रुचि रखने वालों के लिए यह एक विशेष और यादगार अवसर माना जा रहा है।




