
आज जुमे के दिन श्रीनगर के लाल चौक पर कड़ी सुरक्षा
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। शुक्रवार सुबह श्रीनगर के लाल चौक इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया। प्रशासन ने यह कदम जुमे की नमाज और संभावित विरोध प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए उठाया है। बताया जा रहा है कि इजरायल और अमेरिका के हमले में खामेनेई की मौत की खबर के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। इसी को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एहतियातन श्रीनगर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। खास तौर पर शिया समुदाय द्वारा संभावित प्रदर्शन को लेकर प्रशासन सतर्क है। खामेनेई की मौत को लेकर जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। इस मामले पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश की शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने शिया समुदाय के धार्मिक नेताओं से मुलाकात कर हालात पर चर्चा भी की।
बुधवार को श्रीनगर में शिया समुदाय के लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला भी फूंका। वहीं बांदीपोरा में भी लोगों ने अली खामेनेई की तस्वीर के साथ मार्च निकालकर इस घटना की निंदा की। ईरान-इजरायल तनाव को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और चेतावनी दी कि इस युद्ध के परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
खामेनेई के निधन पर भारत ने जताई संवेदना
इस बीच भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचकर शोक पुस्तिका में हस्ताक्षर किए। उन्होंने भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली से मुलाकात कर भारत की ओर से संवेदनाएं व्यक्त कीं। खामेनेई के निधन के बाद नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में झंडा भी आधा झुका दिया गया।
ईरान को लेकर ट्रंप का बयान
उधर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बयान देते हुए कहा कि वह वहां की मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था को समाप्त होते देखना चाहते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान में बेहतर नेतृत्व उभरना चाहिए, जो देश की जिम्मेदारी संभाल सके।





