
1000 फीट तक ऊंची उठीं लावा की लपटें
अमेरिका के हवाई द्वीप में स्थित किलाउएआ ज्वालामुखी में एक बार फिर जोरदार विस्फोट दर्ज किया गया है। विस्फोट के दौरान ज्वालामुखी से निकलती लावा की लपटें हवा में करीब 1000 फीट तक ऊंचाई तक उठती दिखाई दीं, जिससे आसमान में आग के फव्वारों जैसा दृश्य बन गया। किलाउएआ दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में गिना जाता है और इस पर लगातार वैज्ञानिकों व स्थानीय प्रशासन की निगरानी बनी रहती है। दिसंबर 2024 से यहां ज्वालामुखीय गतिविधियां जारी हैं, जिसके चलते समय-समय पर लावा फाउंटेन और गैस के घने बादल देखने को मिल रहे हैं। ताजा विस्फोट के दौरान ज्वालामुखी के क्रेटर से तेज दबाव के साथ लावा ऊपर की ओर फूट पड़ा और इसकी लपटें लगभग 1000 फीट तक पहुंच गईं। इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि किलाउएआ ज्वालामुखी की मौजूदा गतिविधि एक निश्चित पैटर्न का अनुसरण कर रही है। इसमें कुछ घंटों तक तेज लावा फाउंटेन दिखाई देते हैं और उसके बाद अचानक शांत अवधि शुरू हो जाती है। हालिया घटना भी कई घंटों तक जारी रही, जिसके बाद गतिविधि धीमी पड़ गई। हवाई काउंटी प्रशासन और वैज्ञानिक टीमें जमीन की हलचल, गैस उत्सर्जन और लावा के बहाव की दिशा पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में समय रहते चेतावनी जारी की जा सके।
नेशनल पार्क के भीतर दिखाई दिया खौफनाक नजारा
वैज्ञानिकों के अनुसार यह घटना ज्वालामुखी के शिखर क्षेत्र में स्थित क्रेटर के भीतर हुई, जहां से पिघला हुआ लावा अचानक ऊपर की ओर उछलने लगा। कुछ समय के लिए लावा फव्वारे लगभग 300 मीटर यानी करीब 1000 फीट तक पहुंच गए। इस विस्फोट के कई भयावह वीडियो भी सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। यह घटना हवाई वोल्केनोज नेशनल पार्क के अंदर हुई, जहां चमकता हुआ लावा, गैस और ज्वालामुखीय कण आसमान में फैलते देखे गए। विशेषज्ञों के मुताबिक यह मौजूदा इरप्शन साइकिल का 43वां चरण है, जो दिसंबर 2024 से जारी ज्वालामुखीय गतिविधियों का हिस्सा माना जा रहा है। विस्फोट के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ज्वालामुखी के शिखर के आसपास के कुछ क्षेत्रों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके साथ ही हाईवे-11 के कुछ मार्गों पर भी आवाजाही सीमित कर दी गई, क्योंकि हवा के साथ उड़कर आने वाली ज्वालामुखीय राख और पत्थर आसपास के इलाकों में गिरने लगे थे। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार छोटे-छोटे ज्वालामुखीय टुकड़े पास के समुदायों तक भी पहुंचे हैं। ऐसे में लोगों को घरों के भीतर रहने, आंखों और सांस की सुरक्षा करने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।





