
672 घंटों से अपनों की खबर को तरसे लोग
- फोन, इंटरनेट पर 28 फरवरी से लगी पाबंदी एक महीने के लिए और बढ़ाई गई
ईरान में पिछले 672 घंटों से डिजिटल ब्लैकआउट जारी है। इंटरनेट मॉनिटरिंग संगठन नेटब्लॉक्स के अनुसार, अमेरिकी-इजरायली हमलों की शुरुआत के बाद ईरानी अधिकारियों ने पूरे देश में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी थी, जिसे अब एक महीने तक और बढ़ा दिया गया है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते एक महीने से अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस टकराव के बीच ईरान में इंटरनेट पूरी तरह बंद है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। न तो फोन सेवाएं सुचारू हैं और न ही इंटरनेट उपलब्ध है, जिसके कारण लोग अपने परिजनों से संपर्क तक नहीं कर पा रहे हैं। लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों से हालात और भी गंभीर बने हुए हैं। इस संघर्ष का असर अन्य देशों पर भी दिख रहा है, जहां एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
672 घंटे से इंटरनेट बंद
नेटब्लॉक्स के मुताबिक, ठीक एक महीने पहले शनिवार, 28 फरवरी की सुबह ईरान में डिजिटल अंधकार छा गया, जब सरकार ने वैश्विक इंटरनेट तक पहुंच बंद कर दी। चार सप्ताह यानी 672 घंटे बीत जाने के बाद भी यह प्रतिबंध जारी है। इससे लोगों के संचार और जानकारी प्राप्त करने के अधिकार पर सीधा असर पड़ा है। इंटरनेट न होने के कारण नागरिकों के लिए एक-दूसरे से संपर्क करना और संभावित हमलों से सतर्क रहना मुश्किल हो गया है।
हमलों के चलते इस्पात उत्पादन ठप
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायली हमलों में एक बड़े ईरानी इस्पात संयंत्र को भारी नुकसान पहुंचा है। खुजेस्तान स्टील कंपनी ने बताया कि प्रमुख इकाइयों के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्पादन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। उधर दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमले में चार सीरियाई किसानों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य घायल बताए जा रहे हैं। नागरिक सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह हमला अल-हन्निये क्षेत्र में हुआ, जहां काम कर रहे किसानों को निशाना बनाया गया।
इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने हिज़्बुल्लाह की संचार इकाई के दो वरिष्ठ सदस्यों को मार गिराया है। उनकी पहचान अयूब हुसैन याकूब और यासिर मुहम्मद मुबारक के रूप में हुई है। सेना के अनुसार, बेरूत में हुए एक हमले में याकूब मारा गया। साथ ही, इजरायली वायु और नौसेना बलों ने दक्षिणी लेबनान के विभिन्न ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए हथियार भंडार, लॉन्चर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।






