
देशभर में हाइवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने टोल प्लाजा पर भुगतान व्यवस्था में अहम संशोधन करने का निर्णय लिया है। 10 अप्रैल 2026 से टोल बूथों पर नकद (कैश) भुगतान की सुविधा पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी।
क्या है नया नियम
- एनएचएआई और सड़क परिवहन मंत्रालय ने टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट बंद करने का फैसला लिया है
- यह नया नियम 10 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू होगा
- टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों और जाम की समस्या को कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है
अब कैसे होगा टोल भुगतान
- अब सभी वाहन चालकों के लिए टोल भुगतान डिजिटल माध्यम से करना अनिवार्य होगा
- फास्टैग के जरिए आसानी से टोल टैक्स चुकाया जा सकेगा
- जैसे ही वाहन टोल लेन से गुजरेगा, RFID तकनीक के माध्यम से फास्टैग वॉलेट से स्वतः राशि कट जाएगी
आने वाला है नया हाई-टेक सिस्टम
सरकार भविष्य में टोल कलेक्शन को और आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके तहत GPS-बेस्ड टोलिंग और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम लागू करने की तैयारी है।
- इस तकनीक में वाहन की नंबर प्लेट स्कैन होते ही भुगतान स्वतः हो जाएगा
- वाहन द्वारा तय की गई दूरी के आधार पर टोल शुल्क लिया जाएगा
- टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी, जिससे यात्रा और सुगम बनेगी
- गलत तरीके से टोल छूट लेने वाले मामलों पर भी रोक लगेगी
- वैध छूट पाने वालों को Exempted FASTag का उपयोग करना होगा
यह बदलाव न केवल टोल व्यवस्था को तेज और पारदर्शी बनाएगा, बल्कि यात्रियों के समय की भी बचत करेगा।






