
जयपुर में फिर सजेगा स्वाद, संस्कृति और परंपरा का उत्सव
जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर एक बार फिर स्वाद और परंपरा के रंगों से सराबोर होने जा रही है। सहकारिता विभाग एवं राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ (कॉनफेड) के संयुक्त तत्वावधान में ‘राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026’ का आयोजन 17 से 26 अप्रैल तक जवाहर कला केन्द्र में किया जाएगा। सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक के अनुसार, इस मेले में राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों की सहकारी संस्थाएं अपने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगी। इस वर्ष मेले में लगभग 150 स्टॉल्स लगाए जाएंगे, जहां उपभोक्ताओं को शुद्ध मसाले, ऑर्गेनिक उत्पाद, श्री अन्न, जीआई टैग वाले उत्पाद, खाद्य तेल, अनाज और हस्तनिर्मित वस्तुएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। मेले में केरल की काली मिर्च, कश्मीर की केसर, गुंटूर की लाल मिर्च, इरोड की हल्दी, नागौर का जीरा, रामगंजमंडी का धनिया, जालोर की ईसबगोल और बीकानेर के पापड़ जैसे प्रसिद्ध उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यह आयोजन सहकारी संस्थाओं, महिला समूहों और स्वयं सहायता समूहों के लिए अपने उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का सशक्त मंच प्रदान करता है।
खरीदारी के साथ मनोरंजन का भी भरपूर अवसर
मेले में आने वाले आगंतुकों के लिए कई विशेष सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। मोबाइल चक्की के माध्यम से मौके पर ही मसाले पीसने की निःशुल्क सुविधा दी जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को ताजे और शुद्ध मसाले मिल सकेंगे। इसके साथ ही प्रतिदिन लक्की ड्रॉ और समापन अवसर पर बम्पर ड्रॉ का आयोजन भी किया जाएगा। सांस्कृतिक माहौल को जीवंत बनाने के लिए प्रतिदिन विभिन्न संभागों के लोक कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
यह मेला न केवल खरीदारी का अवसर प्रदान करता है, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सहकारिता आंदोलन की मजबूती को करीब से समझने का भी उत्कृष्ट मंच साबित होगा।






