प्रतीक यादव केस: मौत या गहरी साजिश…?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मिले 6 जख्मों के निशान और फेफड़ों में ‘ब्लॉकेज’

उत्तर प्रदेश के हाई-प्रोफाइल प्रतीक यादव मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सस्पेंस और गहरा गया है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की अचानक हुई मौत ने कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं। जहाँ शुरुआती जांच मौत की वजह बीमारी बता रही है, वहीं शरीर पर मिले चोट के निशानों ने जांच की दिशा बदल दी है।

शरीर पर 6 जख्मों का रहस्य:

क्या हुआ था मौत से पहले… पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा प्रतीक के शरीर पर मिले 6 चोटों के निशान हैं। डॉक्टरों ने इन चोटों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं:

  • एंटीमॉर्टम चोटें: डॉक्टरों के अनुसार, ये सभी चोटें ‘एंटीमॉर्टम’ हैं, जिसका अर्थ है कि ये मौत से पहले लगी थीं।
  • पुराने और नए जख्म: 6 में से 3 चोटें करीब 7 से 10 दिन पुरानी हैं, जबकि बाकी 3 चोटें मौत से महज 24 घंटे पहले की हैं।
  • चोटों का स्थान: रिपोर्ट के मुताबिक, 5 चोटें दाएं हाथ पर हैं, जबकि एक चोट छाती और एक बाईं कलाई पर पाई गई है।
  • सस्पेंस: हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि ये चोटें जानलेवा नहीं थीं और गिरने के कारण लग सकती हैं, लेकिन सवाल यह है कि मौत से एक दिन पहले ये चोटें किन परिस्थितियों में लगीं?

मौत का तकनीकी कारण:

‘पल्मोनरी एम्बोलिज्म’: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का प्राथमिक कारण हृदय गति रुकना और पल्मोनरी एम्बोलिज्म बताया गया है।

  • खून का थक्का: डॉक्टरों को फेफड़ों की धमनियों में खून का एक बड़ा थक्का मिला है। इस क्लॉट की वजह से फेफड़ों में ऑक्सीजन की सप्लाई रुक गई, जिससे दिल पर दबाव बढ़ा और सांस रुकने से उनकी मृत्यु हो गई।
  • फोरेंसिक जांच: डॉक्टरों ने दिल और फेफड़ों के नमूने ‘फॉर्मेलिन’ में सुरक्षित रख लिए हैं। विसरा को भी सुरक्षित रखा गया है ताकि यह पता चल सके कि शरीर में कोई बाहरी केमिकल या जहर तो नहीं था।

क्या पहले से बीमार थे प्रतीक: मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, प्रतीक पिछले काफी समय से हाइपरटेंशन और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का इलाज करा रहे थे। उन्हें हाल ही में सांस लेने में तकलीफ के कारण भर्ती भी कराया गया था और वे खून पतला करने की दवाइयां ले रहे थे।

निजी जीवन में उथल-पुथल और ‘तलाक’ का ऐलान: प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहे, लेकिन हाल के दिनों में अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में थे।

विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट: इसी साल 19 जनवरी को प्रतीक ने सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी अपर्णा यादव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें “स्वार्थी” बताया था और तलाक लेने का ऐलान किया था।

आरोप-प्रत्यारोप: प्रतीक ने लिखा था कि उनकी मानसिक स्थिति खराब है और अपर्णा ने उनके पारिवारिक रिश्ते खराब कर दिए हैं। हालांकि, बाद में 28 जनवरी को उन्होंने एक सकारात्मक पोस्ट डालकर विवाद को शांत करने की कोशिश की थी।

किचन में बेसुध मिले थे प्रतीक: बुधवार तड़के करीब 4 बजे प्रतीक यादव अपने विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास के किचन में अचेत अवस्था में मिले थे। उस समय उनकी पत्नी अपर्णा यादव मुंबई में थीं। नौकर की सूचना पर डॉक्टरों की टीम पहुंची, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

अखिलेश यादव और सीएम योगी ने व्यक्त की संवेदना: भाई की मौत की खबर मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि प्रतीक अपने स्वास्थ्य और बिजनेस को लेकर बहुत गंभीर थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपर्णा यादव के आवास पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।

    प्रतीक यादव की मौत प्राकृतिक बीमारी का परिणाम है या इन 6 चोटों के पीछे कोई और कहानी छिपी है, इसका अंतिम खुलासा अब विसरा रिपोर्ट के आने के बाद ही होगा। फिलहाल, पुलिस और डॉक्टरों का पैनल हर पहलू की बारीकी से समीक्षा कर रहा है।

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