ये बात उन दिनों की है जब भारतीय रजतपट की अनिंद्य सुंदरी मधुबाला अभिनेता प्रेमनाथ के प्यार में पागल थीं। दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते थे और दोनों का इरादा जल्द ही शादी करने का भी था। उन दिनों सदाबहार अभिनेता दिलीप कुमार प्रेमनाथ के सबसे करीबी मित्र थे और प्रेमनाथ ने मधुबाला से मोहब्बत की बात उनसे बताई भी थी। प्रेमनाथ मधुबाला की हर बात मानते थे और जब कभी किसी निर्माता को प्रेमनाथ को लेकर फिल्म बनानी होती थी तो वह सिफारिश के लिए मधुबाला के पास जाते थे और मधुबाला प्रेमनाथ की तरफ से हामी भर देती थीं। उन दिनों मधुबाला की गिनती फिल्म इंडस्ट्री के बड़े अभिनेत्रियों में होती थी। कहा जाता है कि मधुबाला से शादी करने के लिए प्रेमनाथ मधुबाला के पिता अताउल्लाह खान से मिले भी थे मगर वे तैयार नही हुए। होते भी कैसे मधुबाला उनके लिए सोने का अंडा देनेवाली मुर्गी जैसी थी। ग्यारह भाई-बहन और माता-पिता उनके पैसों पर ऐश कर रहे थे।
इसी बीच प्रेमनाथ के सबसे करीबी दोस्त दिलीप कुमार की इंट्री मधुबाला के जीवन में होती है। दिलीप कुमार भी मधुबाला को बेहद चाहने लगे थे और मधुबाला भी उन्हें पसंद करती थी। दोनों को एक दूसरे के प्रति आकर्षित होता देखकर प्रेमनाथ ने दोनों के बीच से हट जाने का निर्णय किया। प्रेमनाथ के लिए उनके प्यार से ज्यादा उनका जिगरी दोस्त अजीज था, इस वजह से उन्होंने उस समय की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री बीना राँय से शादी कर ली। प्रेमनाथ-बीना राँय की शादी के मंडप में मधुबाला ने जलती आँखों और सुलगते बदन से प्रेमनाथ से कहा था, “मेरे प्यार की उपेक्षा कर तुम प्रेम विवाह कर रहे हो, याद रखना इस विवाह से तुम कभी खुश नही हो सकोगे।”
मधुबाला के दिल से निकली ये आह प्रेमनाथ-बीना राँय की शादीशुदा जिंदगी को भष्म कर दी थी, वे कभी सुख से दो पल नही गुजार सके। दोनों में तनाव इतना बढ़ा कि वे अलग रहने लगे। मधुबाला के प्यार और बीना राँय की बेरूखी को भूलाने के लिए प्रेमनाथ ने अपने आप को शराब में डुबो दिया था मगर उन्हें इस बात का सकून था कि उनके जिगरी दोस्त को उसका प्यार (मधुबाला) हासिल हो जाएगा। बातों ही बातों में प्रेमनाथ अक्सर कहा करते थे कि मधुबाला के सच्चे शाप के कारण ही उनके और बीना राँय का वैवाहिक जीवन नर्क बन गया।
मधुबाला की मौत के बहुत साल बाद एक साक्षात्कार में प्रेमनाथ ने कहा था कि जब मधुबाला को ये पता चला कि मैं गम भूलाने के लिए बहुत शराब पीने लगा हूँ तो वह एक दिन मेरे घर आई और मुझसे कहा कि आज के बाद अगर तुमने शराब पी तो मेरा खून पिओगे। प्रेमनाथ ने ये स्वीकार किया कि जब तक मधुबाला जिंदा रही, उन्होंने शराब को हाथ नही लगाया।
प्रेमनाथ के प्यार में धोखा खाई मधुबाला दिलीप कुमार से शादी करने को बेताब थीं, शायद वो दिलीप कुमार में प्रेमनाथ का अक्स देखने लगी थीं। कहते हैं न पहला प्यार भूलाने से नही भूलता। मधुबाला ने अपने माता-पिता से दिलीप कुमार से शादी करने की इच्छा जताई, मगर लोभी बाप फिर इसके लिए तैयार नही हुआ। इस बीच दोनों को लेकर “नया दौर” फिल्म की घोषणा हुई, तय हुआ कि शूटिंग भोपाल में होगी। फिल्म की शुटिंग के लिए जब भोपाल जाना हुआ तो मधुबाला के पिता ने उसे भोपाल भेजने से मना कर दिया। उन्हें डर था कि बाहर में शुटिंग के दौरान दोनों और करीब आ जाएंगे। फिल्म के निर्माता बी.आर.चौपडा जो बेहद कडक थे, मधुबाला को फिल्म से निकालकर बैजंतीमाला को अपनी फिल्म में हीरोइन रख लिया। बी.आर.चोपड़ा ने मधुबाला से साइनिंग एमाउंट वापस करने को कहा तो मधुबाला के पिता ने इंकार कर दिया। मामला कोर्ट में चला, गवाही के दौरान दिलीप कुमार ने मधुबाला के खिलाफ बयान दिया मगर उन्होंने कोर्ट में ये स्वीकार किया कि वे मधुबाला से प्रेम करते हैं और जब तक जिंदा रहेंगे, करते रहेंगे।
मधुबाला के खिलाफ बयान देने की वजह से दोनों के रिश्ते बेहद खराब हो गए। मधुबाला के पिता को तो मन मांगी मुराद मिल गई। ये भी रिश्ता अपने अंजाम तक नही पहुँच पाया था। दिलीप कुमार और मधुबाला के रिश्ते टूटने पर प्रेमनाथ ने दिलीप कुमार को ही दोषी ठहराया और कहा कि दिलीप कुमार ने जो कोर्ट में कहा वो सिर्फ एक डायलॉग से ज्यादा कुछ नही है। असल में दिलीप ने अपने स्वार्थ के लिए मधुबाला का इस्तेमाल किया और बाद में ऐसे झटका जैसे कोई शरीर पर चढ़े काँकरोच को झटकता है। मेरी दोस्ती के लिए किया गया त्याग व्यर्थ गया। मैं उस वक्त भावुक नही होता तो आज मधुबाला मेरी पत्नी के रूप में जानी जाती।
प्रेमनाथ और दिलीप कुमार से धोखा खाई मधुबाला को फिर कभी सच्चा प्यार नसीब नही हुआ। कहते हैं कि जब दिलीप कुमार और मधुबाला का प्रेम अपने चरम पर था तब प्रसिद्ध फिल्म मेकर कमाल अमरोही ने भी एक तरफा प्यार में डूबकर मधुबाला से शादी करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे मधुबाला ने खारिज कर दिया। मधुबाला के इंकार पर गुस्साए कमाल अमरोही ने मधुबाला से कहा कि एक दिन तुमसे बडी अभिनेत्री से शादी करके दिखलाऊंगा। बाद में कमाल अमरोही ने मीना कुमारी से शादी की,जो ज्यादा दिन सफल नही रही। रहमान ने भी कोशिश की मगर वो असफल रहे।
मधुबाला के दिल में बडा छेद था जो बाद में पता चला। महंगी इलाज के बावजूद दिल की बीमारी बढ़ती चली गई। इस बीमारी के साथ कुछ और असाध्य बीमारियों ने भी उन्हें जकड़ लिया। मौत से कुछ साल पहले उन्होंने किशोर कुमार से शादी किया मगर तब तक उनका शरीर बेहद कमजोर हो चुका था। किशोर कुमार से भी उन्हें वो प्यार नही मिला जिसकी वो वास्तविक हकदार थीं। महज 36 साल की उम्र में उन्होंने 23 फरवरी, 1969 को अंतिम सांस ली। जिस प्यार की तलाश उन्हें ताउम्र रही, वो उस बदनसीब को कभी नसीब नही हुई। मधुबाला की स्मृतियों को सादर नमन।
अजय श्रीवास्तव
वरिष्ठ पत्रकार






