संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव अब्दुल्ला अल-दरदारी ने कहा, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का शुरुआती अनुमान है कि गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए लागत 30 से 40 अरब डॉलर को पार कर सकती है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एक एजेंसी ने कहा कि युद्ध से तबाह गाजा को फिर से खड़ा करने में अनुमानित 30 से 40 अरब डॉलर की लागत आएगी। एजेंसी ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार होगा जब इतने बड़े पैमाने पर कोशिश होगी। यूएन के सहायक महासचिव अब्दुल्ला अल-दरदारी ने कहा, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का शुरुआती अनुमान है कि गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए लागत 30 से 40 अरब डॉलर को पार कर सकती है। जॉर्डन की राजधानी अम्मान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, विनाश का पैमाना बहुत बड़ा और अभूतपूर्व है। यह एक ऐसा मिशन है जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से वैश्विक समुदाय ने नहीं निपटाया है। उन्होंने कहा, अगर गाजा का पुनर्निर्माण सामान्य प्रक्रिया के जरिए किया जाता है, तो इसमें दशकों लग सकते हैं और फलस्तीन लोगों के पास दशकों तक इंतजार करने की सुविधा नहीं है। इस लिए यह जरूरी है कि हम लोगों का घर फिर से बसाने और स्वास्थ्य, शिक्षा के मामले में आर्थिक, सामाजिक रूप से उनके जीवन को सामान्य करने के लिए शीघ्रता से काम करें। उन्होंने कहा, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे शत्रुता खत्म होने के बाद पहले तीन वर्षों के भीतर हासिल किया जाना चाहि
उन्होंने अनुमान लगाया कि बमबारी और विस्फटों से कुल 37 मिलियन टन मलबा होगा। अल-दरदारी ने कहा, हम एक विशाल आंकड़े के बारे में बात कर रहे हैं। यह आंकड़ा हर दिन बड़ रहा है। ताजा आंकड़े इस ओर इशारा कर रहे हैं कि यह पहले से ही 40 मिलियन टन के करीब पहुंच रहा है। उन्होंने कहा, सभी आवासीय भवनों का 72 फीसदी पूरी तरह से या आंशिक रूप से नष्ट हो गया है।






